आजकल ज़्यादातर लोग चांदी या एल्युमीनियम के बर्तनों की जगह नॉन-स्टिक बर्तन इस्तेमाल करते हैं। बाज़ार में तरह-तरह के नॉन-स्टिक बर्तन मिलते हैं। लोग जानते हुए भी कि ये सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं, फिर भी इन्हें खरीदते और इस्तेमाल करते हैं। रात में दोसा बनाने के लिए नॉन-स्टिक तवे का ही इस्तेमाल करते हैं। लोग सोचते हैं कि ये लंबे समय तक चलेगा। लेकिन, कुछ ही महीनों में, उस पर दोसा भी ठीक से नहीं बनता, चिपक जाता है। कई कोशिशों के बाद भी कोई फायदा नहीं होता। नॉन-स्टिक तवे पर दोसा बनाने का मुख्य कारण है कि इसमें ज़्यादा तेल की ज़रूरत नहीं होती, कम मात्रा में ही काफी होता है। ऐसे में नॉन-स्टिक तवा लंबे समय तक टिका रहे, इसके लिए कुछ सुझाव नीचे दिए गए हैं। बस उन्हें फॉलो करें।