
कन्नूर. केरल के कन्नूर जिले में एक रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना में एक 9 साल की बच्ची पर कुत्तों के झुंड ने हमला करके उसे बुरी तरह नोंच डाला। मामला जिले के मुजप्पिलंगड का है। बच्ची बड़ी मुश्किल से इन आवारा कुत्तों के हमले से बच पाई। कुत्तों के झुंड ने तीसरी कक्षा की छात्रा जाह्नवी पर हमला कर उसे घायल कर दिया। इस क्षेत्र में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 11 जून को 11 वर्षीय निहाल को आवारा कुत्तों ने काट कर बुरी तरह घायल कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
Shocking CCTV: केरल के कन्नूर में स्ट्रीट डॉग्स का आतंक
घटनास्थल से गुजर रहे लोगों के मुताबिक जाह्नवी अपने यार्ड में खेल रही थी, जब तीन कुत्तों ने उस पर बेवजह हमला बोल दिया। वे बच्ची को घसीटकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे थे। बच्ची जमीन पर घिसटती रही, फिर जैसे-तैसे कुत्तों से खुद को छुड़ाया। बच्ची के चीखने-चिल्लाने से आवारा कुत्ते इलाके से भाग गए। परिजनों के मुताबिक लड़की के सिर, जांघों और हाथ पर गहरे घाव हुए हैं। फिलहाल बच्ची का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बच्ची खतरे से बाहर है।
केरल में स्ट्रीट डॉग के काटने की घटना, लगातार बढ़ रहे हमले
इससे पहले 19 जून को कोल्लम के छथिनामकुलम में 10वीं कक्षा के छात्र आदिल पर एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया था। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
जबकि 11 जून को कुत्तों के हमलों में घायल 11 साल के बच्चे को नहीं बचाया जा सका था। मुजप्पिलंगड में 11 वर्षीय निहाल को उसके घर के पास आवारा कुत्तों ने काट लिया था। निहाल शाम 5 बजे के आसपास घर से लापता हो गया था। परिवार ने सोचा कि बच्चा बाहर खेल रहा है जब उन्होंने उसे अपने घर से लगभग 500 मीटर दूर मृत पाया।
स्थानीय लोगों को रात करीब 8.30 बजे सुनसान मकान के गेट के पास बच्चे का शव मिला था। निहाल विकलांग था। उसे बोलने में परेशानी होती थी। आशंका है कि कुत्तों के हमलों के बावजूद वो मदद नहीं मांग सका होगा। बच्चे के शरीर पर कुत्तों के काटने के निशान थे। उसे अस्पताल लाया गया, लेकिन बाद में मृत घोषित कर दिया गया।
केरल में डॉग और कैट बाइट्स के मामले
केरल सरकार के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में कुत्ते और बिल्ली के काटने की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। जून तक कुत्तों के काटने से 1,47,287 लोगों ने सरकारी अस्पतालों में इलाज कराया है। इस साल अब तक रेबीज से 19 लोगों की मौत हो चुकी है। 2020 में पांच और 2021 में 11 मौतें हुई थीं। पिछले साल पांच लाख से ज्यादा लोगों को बिल्लियों और कुत्तों ने काटा था।
इस साल अब तक रेबीज से 19 लोगों की मौत हो चुकी है। 2021 में रेबीज से 11 मौतें हुईं। 2020 में पांच मौतें हुई थीं। ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि इस साल मरने वाले 3 लोग वैक्सीन लेने के बावजूद नहीं बच सके।
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