विष्णु मूर्ति याचिका खारिज, CJI की टिप्पणी पर छिड़ा विवाद

Published : Sep 18, 2025, 10:56 AM IST
विष्णु मूर्ति याचिका खारिज, CJI की टिप्पणी पर छिड़ा विवाद

सार

सुप्रीम कोर्ट ने विष्णु मूर्ति को फिर से स्थापित करने की याचिका खारिज कर दी। चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई की टिप्पणी 'महाविष्णु से ही प्रार्थना करें' पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कई लोगों ने चीफ़ जस्टिस के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है।

CJI Gavai remark controversy: मध्य प्रदेश के एक मंदिर में खंडित विष्णु मूर्ति को फिर से स्थापित करने की मांग वाली याचिका पर भारत के चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई की टिप्पणियां विवादों में हैं। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी ने वकीलों समेत कुछ लोगों को नाराज़ कर दिया है। चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने मूर्ति की बहाली की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि यह मामला पुरातत्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है और 'इसके लिए आप महाविष्णु से ही प्रार्थना करें'।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता राकेश दलाल से कहा, "यह पब्लिसिटी के लिए दायर किया गया केस है। अब जाकर भगवान से ही कुछ करने को कहिए। आप कहते हैं कि आप महाविष्णु के बड़े भक्त हैं। इसलिए जाकर प्रार्थना कीजिए।" याचिका में मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, खजुराहो मंदिर परिसर का हिस्सा, जवारी मंदिर में सात फुट ऊंची खंडित महाविष्णु मूर्ति को फिर से स्थापित करने का निर्देश दे। याचिका में कहा गया है कि मुगल आक्रमण के दौरान मूर्ति खंडित हो गई थी और अधिकारियों से कई बार अपील करने के बावजूद मूर्ति को फिर से स्थापित या उसकी मरम्मत नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि मूर्ति की बहाली सिर्फ एक पुरातात्विक मामला नहीं, बल्कि आस्था का भी विषय है, और अधिकारियों की नाकामी भक्तों की पूजा की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।

इस फैसले के सामने आने के बाद, चीफ़ जस्टिस की टिप्पणियों के खिलाफ़ सोशल मीडिया पर भारी आलोचना हुई। चीफ़ जस्टिस को हटाने की मांग वाले पोस्ट भी खूब वायरल हुए। यूज़र्स ने कहा कि ऐसी टिप्पणियों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। कई वकीलों ने भी चीफ़ जस्टिस गवई से बयान वापस लेने की मांग करते हुए पत्र भेजे। वकील विनीत जिंदल ने पत्र की एक कॉपी राष्ट्रपति को भी भेजी है। जिंदल ने चीफ़ जस्टिस को भेजे पत्र में कहा, 'मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति इस मामले को गंभीरता से लेंगे और यह पक्का करेंगे कि सभी धर्मों की गरिमा की रक्षा हो'।

 

PREV

Other Indian State News (अन्य राज्य समाचार) - Read Latest State Hindi News (अन्य राज्य की खबरें), Regional News, Local News headlines in Hindi from all over the India.

Read more Articles on

Recommended Stories

Bhubaneswar Fire: पलभर में जलकर राख हुआ लिंगिपुर मॉल, रोबोटिक फायर सिस्टम फेल
Morbi Road Accident: सड़क पर खेल रही 2 साल की बच्ची को कार ने कुचला, Shocking CCTV