
कोलकाता. आईआईटी-खड़गपुर के 23 साल के स्टूडेंट फैजान अहमद की संदिग्ध मौत से सस्पेंड हटाने कलकत्ता हाईकोर्ट ने कब्र खोदकर शव निकालकर दुबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है। फैजान 14 अक्टूबर, 2022 को अपने हॉस्टल के कमरे में मरा मिला था। कॉलेज मैनेजमेंट ने इसे सुसाइड बताया था, जबकि फैमिली का आरोप है कि उसकी हत्या की गई थी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल को अपने ऑर्डर में कहा कि सच तक पहुंचने के लिए सेकंड पोस्टमार्टम महत्वपूर्ण और जरूरी है। जस्टिस राजशेखर मंथा ने कहा,"पीड़ित के शव को असम में मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाया गया है। पीड़ित फैजान अहमद के शव को खोदकर निकालने का आदेश दिया जाता है।"
हाईकोर्ट ने कहा, "मामले में जांच अधिकारी असम पुलिस के साथ कॉर्डिनेट करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि शव और/या अवशेषों को बाहर निकाला जाए, राज्य पुलिस द्वारा कोलकाता लाया जाए और नए सिरे से पोस्टमार्टम किया जाए।"
कोर्ट ने मामले में एमिकस क्यूरी संदीप भट्टाचार्य(Sandip Bhattacharya, amicus curiae) द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में से कुछ नोट्स का हवाला दिया। हाईकोर्ट ने कहा-"सबसे पहले कि पीड़ित के सिर के पीछे दो चोट के निशान दिख रहे हैं, मेडिकली इन्हें हेमेटोमा( Haematoma) कहा जाता है। इन निशानों की पुष्टि संदीप कुमार भट्टाचार्य द्वारा की गई है। मूल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सब नहीं लिखा है।
रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस को क्राइम सीन से एम्प्लुरा (सोडियम नाइट्रेट) नामक एक रसायन मिला था। अदालत ने कहा, "भट्टाचार्य ने कहा है कि सोडियम नाइट्रेट एक पीले रंग के पाउडर का इस्तेमाल आम तौर पर मांस को प्रिजर्व करने के लिए किया जाता है।"
हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि जब कोई शरीर सड़ जाता है, तो यह असंभव है कि हॉस्टल के साथियों को इसका पता नहीं लगा हो? रहस्यमय तरीके से 3 दिनों तक शरीर से कोई गंध नहीं आई थी।
हाईकोर्ट ने पहले इस मामले में पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित आईआईटी-खड़गपुर के डायरेक्टर की खिंचाई की थी। कोर्ट ने एक दिसंबर को रैगिंग की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के लिए फटकार लगाई थी। इस घटना के बाद छात्र की मौत हो गई थी।
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