Published : Aug 14, 2025, 12:04 PM ISTUpdated : Aug 14, 2025, 12:05 PM IST
Bhopal Crime Mystery:मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल-जिसे कभी "City of Lakes" और शांति का प्रतीक माना जाता था-अब एक डरावने आंकड़े से कांप रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जनवरी 2025 से अगस्त 2025 तक 29 हत्याएं दर्ज हुईं, यानी औसतन हर सातवें दिन एक हत्या।
Bhopal Shocking Murder Cases: झीलों की नगरी भोपाल, एक समय कभी झीलों और शांति के शहर के रूप में जाना जाता था, अब लगातार बढ़ती हत्या की वारदातों से दहला हुआ है। जनवरी से अगस्त 2025 के बीच राजधानी और आसपास के देहात क्षेत्र में कुल 29 हत्याओं के मामले दर्ज किए गए। यानी औसतन हर सातवें दिन एक व्यक्ति की हत्या हो रही है। यह आंकड़ा पिछले तीन वर्षों के औसत से कहीं अधिक है और राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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क्या झीलों का शहर ‘क्राइम सिटी’ बन रहा है?
जून और जुलाई में हत्याओं का ग्राफ अचानक बढ़ गया। जहां जनवरी से मई तक 15 मामले हुए, वहीं जून-जुलाई-अगस्त के बीच 14 नई वारदातें दर्ज हुईं। आंकड़े पिछले तीन साल के औसत को मात दे रहे हैं, और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
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क्यों बढ़ रही हैं हत्याएं?
जांच में सामने आया कि इन हत्याओं के पीछे प्रॉपर्टी विवाद, आपसी रंजिश, शराबखोरी, प्रेम प्रसंग और मामूली कहासुनी जैसे कारण प्रमुख हैं। हैरानी की बात यह है कि अधिकतर मामलों में पीड़ित और आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे, यानी निजी दुश्मनी सीधा खूनखराबे में बदल रही है।
10 मई: शराब के लिए पैसे न देने पर चाकू मारकर हत्या।
3. मिसरोद थाना: 2 घटनाएं
30 जनवरी: सीआरपीएफ जवान ने पत्नी को गोली मारी।
2 जून: शराब तस्करी के शक में पीट-पीटकर हत्या।
4. अशोकागार्डन थाना: 2 घटनाएं
8 जनवरी: गुटखा फैक्ट्री कर्मचारी को चाकू मारकर हत्या।
22 जून: ऑटो से घसीटकर हत्या, शव नाले में फेंका।
5. कोलार थाना: 2 घटनाएं
27 जुलाई: मामूली विवाद में चाकू मारकर हत्या।
25 जुलाई: पुरानी रंजिश में दोस्त की चाकू से हत्या।
6. बागसेवनिया थाना: 1 घटना
4 अगस्त: शराब के नशे में दोस्त की हत्या।
7. अयोध्यानगर थाना : 1 घटना
6 अगस्त: पेट्रोल पंप पर पहले पेट्रोल भरने के विवाद में चाकूबाजी से हत्या।
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क्रूर घटनाओं की चौंकाने वाली लिस्ट
8. अरेरा हिल्स थाना: 1 घटना
26 मई: नए कपड़े पहनने पर भाई की हत्या।
9. निशातपुरा थाना : 1 घटना
11 जनवरी: घर में घुसकर सिविल ठेकेदार की चाकू से हत्या।
10. खजूरी सड़क थाना – 1 घटना
10 मई: रेस्टोरेंट में युवक के सिर पर हमला कर हत्या।
11. तलैया थाना : 1 घटना
16 मार्च: प्रेम प्रसंग में किन्नरों व युवक ने मिलकर चाकू से हत्या।
12. हनुमानगंज थाना : 1 घटना
22 जून: शोभायात्रा के दौरान पुरानी रंजिश में चाकू से हमला, मौत।
13. बजरिया थाना: 1 घटना
29 जून: लिव-इन पार्टनर का गला रेतकर शव बोरी में बांधा।
14. कमलानगर थाना : 1 घटना
19 मई: प्रेम प्रसंग में हत्या कर शव तालाब में फेंका।
15. शाहपुरा थाना: 1 घटना
21 मार्च: एनेस्थीसिया इंजेक्शन का ओवरडोज देकर पत्नी की हत्या।
16. छोला मंदिर थाना : 1 घटना
28 जून: पुरानी रंजिश में सरेराह युवक को गोली मारकर हत्या।
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भोपाल देहात क्षेत्र: 6 घटनाएं
ईंटखेड़ी थाना, 23 अप्रैल: गर्भवती पत्नी की हत्या।
गुनगा थाना, 25 जून: जमीन विवाद में भाई और भतीजे ने भाई की हत्या।
गुनगा थाना, 15 जून: शराब पीने के बाद 60 वर्षीय वृद्ध ने युवक की हत्या।
बैरसिया थाना, 17 अप्रैल: शराब पार्टी के दौरान पीट-पीटकर हत्या।
बैरसिया थाना, 10 अगस्त: पत्नी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या।
सूखी सेवनिया थाना, 3 जुलाई: गला रेतकर सिविल ठेकेदार का शव कार में छोड़ा।
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जून-जुलाई में हत्या की रफ्तार में उछाल
इस साल दर्ज 29 हत्याओं में आधे केस केवल जून और जुलाई में सामने आए। जनवरी से मई तक कुल 15 मामले दर्ज हुए थे, जबकि जून से अगस्त तक 14 और केस दर्ज किए गए। गर्मियों में अपराध की रफ्तार बढ़ने का यह संकेत है।
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पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर सभी मामलों में तेजी से कार्रवाई की। अधिकांश हत्याएं निजी रंजिश, मामूली विवाद या शराबखोरी के कारण हुईं। केवल कुछ ही मामलों में अपराधियों का सीधा जुड़ाव था। हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त भोपाल, ने कहा: "थाना स्तर पर बदमाशों की निगरानी की जा रही है, लेकिन अपराध की पहुंच शहर और देहात के हर कोने तक है।"
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भोपाल की बदलती सुरक्षा तस्वीर
भोपाल की बढ़ती हत्याओं ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर सातवें दिन हत्या का औसत, शहर और देहात में फैलती हिंसा, जून-जुलाई में अचानक वृद्धि और निजी रंजिश मुख्य कारण हैं। पुलिस की तत्परता के बावजूद राजधानी में भय का माहौल बढ़ रहा है।
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शहर और देहात हर इलाके में फैली वारदातें
हत्याएं सिर्फ पुराने शहर या बाहरी इलाकों तक सीमित नहीं हैं। ईंटखेड़ी, गुनगा, सूखी सेवनिया, बैरसिया, नजीराबाद जैसे देहात इलाके और कोलार, शाहपुरा, ऐशबाग जैसे शहरी इलाके भी प्रभावित हुए।
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