
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान और शक्ति की उपासना की परंपरा बेहद अनूठी है। हमारी संस्कृति में कन्यापूजन और देवीपूजन, दोनों का विशेष महत्व है। हम नारी के कन्या रूप के साथ-साथ मातृरूप में देवी की भी पूजा करते हैं। नारी नारायणी हैं और शक्ति का स्वरूप हैं। शक्ति की भक्ति में ही सभी के कल्याण का मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित भोजपाल गरबा महोत्सव के रात्रि आयोजन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर गरबा महोत्सव का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और समाज चाहे कितना भी आधुनिक तथा विकसित क्यों न हो जाए, अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है। हमें अपनी संस्कृति, प्राचीन परंपराओं और विरासत पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि जिन समाजों ने अपनी संस्कृति और पुरा विरासत को संभालकर रखा, उन्होंने उसी आत्मगौरव के साथ विकास की नई ऊंचाइयां भी हासिल कीं। विरासत से विकास हमारा मूल ध्येय है। मध्यप्रदेश सरकार भी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता दुर्गा सर्वकल्याणकारी हैं और सभी के दुखों को दूर करती हैं। भक्त जिस भावना से माता के सामने अपनी कामना रखते हैं, मां उनकी झोली उसी अनुरूप भरती हैं। देवी की आराधना से मनुष्य को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि गरबा शक्ति की उपासना से मिलने वाली नैसर्गिक शांति और आनंद को व्यक्त करने का सहज माध्यम है। यही वजह है कि नवरात्रि के दौरान गरबा महोत्सव में लोगों का उत्साह देखते ही बनता है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से इस नवरात्रि एक संकल्प लेने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि हम अपने समाज में सद्भाव बढ़ाएं, महिलाओं का सम्मान करें और गरीब तथा जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशियां लाने का प्रयास करें। साथ ही विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और उनके गौरव को याद करने का अवसर देता है। ऋषि-मुनियों के समय से ही भारत के त्योहार अपने साथ कोई न कोई विशेष संदेश लेकर आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज गरबा महोत्सव केवल एक स्थान तक सीमित आयोजन नहीं रह गया है। देशभर में लोग उल्लास और उमंग के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं। हर वर्ष यह आयोजन और अधिक भव्य और व्यापक होता जा रहा है।
डॉ. यादव के मुताबिक ऐसे सामूहिक आयोजन लोगों को त्योहार मिल-जुलकर मनाने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही खेल और शारीरिक गतिविधियों को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने का संदेश भी देते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गरबा महोत्सव को लेकर लोगों में पहले से ज्यादा उत्साह दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में भाई-बहन इसमें भाग लेने के लिए पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और समाज का प्रयास होना चाहिए कि अलग-अलग त्योहारों को भी सामूहिक उत्साह के साथ मनाया जाए। मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव, सर्दियों में भोपाल उत्सव, जन्माष्टमी और दूसरे पर्व भी इसी तरह मिल-जुलकर मनाए जाएं। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूप हमें शक्ति, साहस और पराक्रम का संदेश देते हैं। उनकी कामना है कि परमात्मा की कृपा से भारत इतना शक्तिशाली और सक्षम बने कि पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति, सामर्थ्य और गौरव का परचम हमेशा ऊंचा रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान पूरी दुनिया में जिस तरह स्थापित हुआ है, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कामना की कि वर्ष 2047, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश दुनिया के हर क्षेत्र में अग्रणी हो और नंबर वन बने।
कार्यक्रम में भोजपाल महोत्सव मेला समिति के संयोजक विकास वीरानी, समिति अध्यक्ष सुनील यादव और अमन यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। बताया गया कि भोजपाल महोत्सव समिति पिछले तीन वर्षों से लगातार भोजपाल गरबा महोत्सव का आयोजन कर रही है। इस बार भी जम्बूरी मैदान में आयोजित महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
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