Damoh News: धान-MSP पंजीयन शुरू, सिंचाई से हाई-वैल्यू क्रॉप तक CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

Published : Sep 15, 2026, 07:49 PM IST
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सार

दमोह में बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव ने किसानों की आमदनी बढ़ाने, MSP पंजीयन, मखाने की खेती और सिंचाई परियोजनाओं पर जोर दिया।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 सितंबर को दमोह जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दमोह ने पिछले कुछ वर्षों में खेती-किसानी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां से मोह न छूटे, वो अपना दमोह है।” उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।

डॉ. यादव ने कहा कि खेत से लेकर बाजार तक और खाद की व्यवस्था से लेकर किसानों के खातों तक सरकार पक्की और स्थायी व्यवस्थाएं तैयार कर रही है। किसानों के परिश्रम से पैदा होने वाले अनाज का एक-एक दाना हमारे लिए भगवान के प्रसाद के समान है। उन्होंने कहा कि अन्न का हर दाना अनमोल है और किसानों की मेहनत का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

धान और ज्वार-बाजरा खरीदी के लिए किसान पंजीयन शुरू

मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान और ज्वार-बाजरा के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 15 सितंबर से शुरू हो गया है। पंजीयन की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। किसानों के सुख-दुख में सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण, नई तकनीक और नवाचार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने उद्यानिकी, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, गौपालन, अन्य दुधारू पशुओं के पालन और मछली पालन जैसे व्यवसायों को भी आमदनी बढ़ाने का जरिया बनाने की बात कही।

दमोह में 6.72 लाख हेक्टेयर में खेती, 86 प्रतिशत क्षेत्र सिंचित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह की कृषि स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में लगभग 6 लाख 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेती हो रही है। इसमें करीब 86 प्रतिशत कृषि क्षेत्र सिंचित है। दमोह का चना देशभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण और एग्रो प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी जिले में नई संभावनाएं बन रही हैं। उन्होंने बताया कि किसान अब गेहूं, चना और धान के साथ हाई-वैल्यू क्रॉप की ओर भी बढ़ रहे हैं। अश्वगंधा की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए जिले में 100 से अधिक किसानों को निःशुल्क बीज और कृषि प्रशिक्षण दिया गया है।

दमोह में अगले खरीफ सीजन से शुरू होगा मखाने का उत्पादन

मुख्यमंत्री ने कहा कि दमोह जिले में अगले खरीफ सीजन में मखाने का उत्पादन भी नवाचार के रूप में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में पशुपालन को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। पिछले एक साल में यहां 9 नई दुग्ध सहकारी संस्थाएं पंजीकृत हुई हैं। क्षीरधारा ग्राम योजना के पहले चरण में दमोह के 65 गांवों का चयन किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत जिले में 14 स्वच्छ फिश पार्लर बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा रहा है।

केन-बेतवा परियोजना से सिंचाई को मिलेगा बढ़ावा

डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना दमोह जिले के लिए वरदान साबित होने जा रही है। तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना का काम चल रहा है। इससे दमोह जिले के 17 से अधिक गांवों की करीब 3,600 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। उन्होंने बताया कि सतधरु मध्यम सिंचाई परियोजना, पारना जलाशय निर्माण और दादपुर स्टाप डेम का निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार ने दमोह जिले में सूक्ष्म सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 1.35 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है।

सातों विकासखंडों में जैविक और प्राकृतिक खेती हाट बाजार शुरू

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए दमोह जिले के सभी 7 विकासखंडों में जैविक और प्राकृतिक खेती हाट बाजार शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से किसानों को अपनी उपज के बेहतर अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में किसान क्रेडिट कार्ड का ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान अब एक क्लिक में अपना किसान क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं।

प्रगतिशील किसानों से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले में प्राकृतिक और जैविक खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों से संवाद भी किया। उन्होंने खम्मन सिंह लोधी, समीर कुमार अहिरवाल, राम कुरेरिया सहित अन्य किसानों से उनकी खेती-किसानी के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने किसानों के अनुभव सुने और खेती में किए जा रहे प्रयोगों, नवाचारों तथा आमदनी बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, नई सोच और तकनीक का इस्तेमाल प्रदेश की कृषि व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा।

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