MP Cabinet Decision: स्वामित्व योजना, नर्मदा मिशन और पेयजल व्यवस्था पर CM मोहन यादव ने की बड़ी समीक्षा

Published : May 15, 2026, 08:39 PM IST
MP Cabinet Decision CM Mohan Yadav review meeting

सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में स्वामित्व योजना, नर्मदा समग्र मिशन, पेयजल व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन और किसानों से जुड़े कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का सकारात्मक तरीके से समाधान करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित नोडल विभागों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

स्वामित्व योजना में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री अभियान के रूप में चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत महिलाओं के नाम से रजिस्ट्री को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पात्र ग्रामीण परिवारों को नि:शुल्क पट्टे वितरित करने और आबादी भूमि घोषित करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को समय-सीमा तय कर संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए।

नर्मदा समग्र मिशन की हर महीने होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने नर्मदा समग्र मिशन के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा प्रदेश की जीवनरेखा है और इसके उद्गम स्थलों को संरक्षित रखना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए उद्गम स्थलों के आसपास सीमित निर्माण हों और दूर व्यवस्थित सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएं। मिशन से जुड़े कार्यों की समीक्षा के लिए हर महीने के पहले सोमवार को बैठक आयोजित की जाएगी।

गर्मी में पेयजल व्यवस्था पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण को जन अभियान बनाने पर जोर दिया और “जन्मभूमि से कर्मभूमि तक” अभियान चलाने की बात कही। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अमृत-1 और अमृत-2 योजना के तहत प्रदेश में पेयजल और सीवरेज प्रबंधन के कार्य तेजी से चल रहे हैं।

चित्रकूट और धार्मिक पर्यटन विकास पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट धाम के समग्र विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। मंदाकिनी नदी की अविरल धारा बनाए रखने के लिए योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के विकास कार्यों को भी गति देने के निर्देश दिए। साथ ही श्रीराम वन गमन पथ, श्री कृष्ण पाथेय और चित्रकूट धाम से जुड़े विकास कार्य समय सीमा में पूरे करने को कहा।

होमगार्ड और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था मजबूत होगी

मुख्यमंत्री ने महाकाल महालोक सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर होमगार्ड व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक स्थलों पर बेहतर प्रबंधन होगा और होमगार्ड बल की क्षमता भी बढ़ेगी। इसके अलावा जिला पर्यटन परिषदों को पर्यटन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया।

किसानों को राहत, कपास मंडी शुल्क किया कम

मुख्यमंत्री ने बताया कि खंडवा और बुरहानपुर मंडियों में कपास पर लगने वाला मंडी शुल्क एक रुपये से घटाकर 55 पैसे किया जा रहा है। इससे कपास उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी और उन्हें अपनी उपज बेचने में आसानी होगी।

सभी सरकारी कार्यालयों में लागू होगी बॉयोमैट्रिक उपस्थिति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय और अन्य सरकारी भवनों में बॉयोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने इसे एक सकारात्मक और नवाचारी पहल बताते हुए प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकुशलता और समयबद्धता में सुधार होगा।

तकनीकी शिक्षा और रोजगार पर भी सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में सेक्टर आधारित प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों को स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें। बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग तकनीकी विश्वविद्यालयों में विभाजित करने और मेडिकल विश्वविद्यालयों के पुनर्गठन पर भी चर्चा हुई।

सांदीपनी विद्यालयों में स्किल डेवलपमेंट गतिविधियां होंगी शुरू

मुख्यमंत्री ने सांदीपनी विद्यालय परिसरों में अकादमिक समय के बाद स्किल डेवलपमेंट, कंप्यूटर प्रशिक्षण और कोचिंग गतिविधियां संचालित करने की बात कही। उन्होंने सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए कॉमन हॉस्टल व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया।

प्रदेश में AI सेंटर और डीप टेक पार्क विकसित होंगे

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में एआई सेंटर, डाटा सेंटर और डीप टेक पार्क विकसित करने के लिए समय-सीमा तय कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को कम लागत में आवास उपलब्ध कराने और पर्यावरण अनुकूल निर्माण पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाए।

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