MP CM Jan Vishwas Abhiyan 2026: अब दफ्तर नहीं, गांवों में दिखेंगे अधिकारी! मुख्यमंत्री मोहन यादव का नया अभियान

Published : Aug 05, 2026, 08:43 PM IST
mp cm jan vishwas abhiyan 2026

सार

मध्यप्रदेश में 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान शुरू होगा। हर शुक्रवार अधिकारी फील्ड में जाकर जनसमस्याएं सुनेंगे और समाधान सुनिश्चित करेंगे।

भोपाल। मध्यप्रदेश में शासन और जनता के बीच संवाद को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत 7 अगस्त से की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप शुरू होने वाला यह अभियान 8 जनवरी 2027 तक चलेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचें, उनकी समस्याएं सुनें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। इसके साथ ही शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्तर पर समीक्षा और लोक सेवाओं की समय-सीमा में उपलब्धता भी अभियान का प्रमुख हिस्सा होगी।

हर शुक्रवार होगा फील्ड विजिट, समीक्षा बैठकों पर रहेगी रोक

सरकार ने तय किया है कि अभियान की अवधि के दौरान प्रत्येक शुक्रवार को "मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान दिवस" के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन, विशेष परिस्थितियों को छोड़कर, विभागीय स्तर, विभागाध्यक्ष स्तर, संभाग या जिला स्तर पर किसी भी प्रकार की ऑनलाइन या ऑफलाइन समीक्षा बैठक आयोजित नहीं की जाएगी।

निर्देशों के अनुसार सभी विभाग प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रत्येक शुक्रवार फील्ड भ्रमण करना अनिवार्य होगा। अधिकारी अपने विभाग की जरूरत और प्रशासनिक प्राथमिकता के अनुसार जिले और क्षेत्रों का चयन कर सकेंगे। यदि किसी सप्ताह अपरिहार्य कारणों से कोई अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव फील्ड विजिट नहीं कर पाता है, तो उसे पहले से मुख्य सचिव कार्यालय को इसकी सूचना देनी होगी। विभागाध्यक्षों के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था लागू रहेगी।

जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान केवल दौरे तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सप्ताह अपने विभाग से जुड़ी सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा करें। सरकार चाहती है कि विभागीय स्तर पर कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। साथ ही जिला स्तर पर आने वाली शिकायतों और आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। अभियान के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर रहेगा, ताकि जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समस्याओं का समाधान सीधे मौके पर हो सके।

संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी होंगे अभियान के चार आधार

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के लिए चार प्रमुख स्तंभ तय किए हैं- संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी। इन चार सिद्धांतों के आधार पर अधिकारियों को काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन तभी संभव है, जब अधिकारी जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझें और उनका समाधान करें। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

संभाग और जिला स्तर के अधिकारी भी करेंगे नियमित निरीक्षण

अभियान के तहत केवल वरिष्ठ अधिकारी ही नहीं, बल्कि विभागों के संभागीय और जिला स्तरीय अधिकारी भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। निर्देशों के मुताबिक विभागीय अपर संचालक, संयुक्त संचालक और उप संचालक स्तर के अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार अपने अधिकार क्षेत्र के जिलों में भ्रमण करेंगे। वे विभागीय योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

सादगी और वाहन पूलिंग पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के दौरान सरकारी खर्चों में मितव्ययिता और सादगी बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि भ्रमण के दौरान वाहनों की संख्या सीमित रखी जाए और जहां संभव हो, वाहन पूलिंग की व्यवस्था अपनाई जाए। इससे अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी और प्रशासनिक कार्य अधिक प्रभावी तरीके से संचालित हो सकेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, विभागाध्यक्ष कार्यालयों, संभागीय कार्यालयों और जिला स्तरीय इकाइयों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार को उम्मीद है कि यह अभियान प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने के साथ-साथ शिकायतों के त्वरित समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

PREV

मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Balram Krishi Mahotsav: कवच योजना से किसानों को बड़ी राहत, नर्मदापुरम से CM मोहन यादव का बड़ा संदेश
MP News: BRICS संस्कृति सम्मेलन भोपाल में खुला भारत की विरासत का खजाना, जानिए अंदर क्या है