
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर और डिजिटल क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियां भी लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में समाज हित और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए साइबर सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल व्यवस्थाओं में सतर्कता और निगरानी बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर और फॉरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और रिसर्च का दायरा बढ़ाकर ही इन चुनौतियों का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर स्थापित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डॉ. मोहन यादव ने यह बात 22 सितंबर को मंत्रालय में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर और मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल के बीच एमओयू के आदान-प्रदान के दौरान कही।
22 सितंबर को हुए एमओयू के तहत राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर प्रदेश के जेल मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण और कौशल विकास में सहयोग करेगा। इसके लिए जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य पुलिस और जेल विभाग से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को साइबर क्षेत्र की नई चुनौतियों, डिजिटल तकनीक और फॉरेंसिक से जुड़े पहलुओं के लिए अधिक सक्षम बनाना है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर के बेहतर संचालन और विभिन्न गतिविधियों में समन्वय के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV), भोपाल के बीच रिलेशनशिप एग्रीमेंट भी किया गया। सरकार के मुताबिक, इस समझौते से साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में जागरूकता और डिजिटल फॉरेंसिक्स में विशेषज्ञता बढ़ाने में मदद मिलेगी। शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान से जुड़े कामों को भी आगे विस्तार दिया जा सकेगा।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की स्थापना भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 28 सितंबर 2020 को की थी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान, विस्तार और सेवाओं को बढ़ावा देना है। देश के 7 राज्यों में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय परिसर स्थापित किए जा चुके हैं। अब तक करीब 40 हजार कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का परिसर भोपाल में स्थापित करने का फैसला मंत्रि-परिषद की 1 जुलाई 2025 की बैठक में लिया गया था। विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल की उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। फिलहाल RGPV की ओर से राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय को एक अस्थायी भवन उपलब्ध कराया गया है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, भोपाल का अस्थायी परिसर 22 सितंबर 2025 को शुरू किया गया था। शुरुआत में यहां एक स्नातक और एक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए गए। वर्तमान में परिसर में 84 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जबकि 3 विद्यार्थी अपना पाठ्यक्रम पूरा कर रोजगार हासिल कर चुके हैं।
इस तरह भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का विस्तार मध्य प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फॉरेंसिक्स और इससे जुड़े कौशल विकास के लिए एक नया शैक्षणिक आधार तैयार कर रहा है।
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