प्लास्टिक उद्योग का भविष्य: मध्यप्रदेश में नई संभावनाएं?

Published : Jan 11, 2025, 08:32 AM ISTUpdated : Jan 11, 2025, 08:55 AM IST
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सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर प्लास्टपैक 2025 सम्मेलन में प्लास्टिक उद्योग के विकास पर ज़ोर दिया। रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्लास्टिक उद्योग के विकास की अपार संभावनाएं हैं। यह उद्योग का नया क्षेत्र है और इसका बड़ा बाजार है। इस उद्योग में रोजगार की भी बेहतर और बड़े अवसर हैं। प्लास्टिक उद्योग के विकास के लिए इसके दुष्प्रभाव को दूर करते हुए तथा सावधानी रखते हुए आगे बढ़ेंगे। प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए रियूज और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। रियूज और वेस्ट मैनेजमेंट की तकनीक को विक‍सित करने के लिए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज से इंदौर में प्रारंभ हुए प्लास्टिक उद्योग सम्मेलन प्लास्टपैक 2025 को संबोधित कर रहे थे। यह सम्मेलन 12 जनवरी तक उद्योग मेले के रूप में चलेगा। इसमें प्लास्टिक उद्योग से जुड़ी 400 से अधिक कंपनियां और 2 हजार से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से हो रहा है।

 

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्लास्टिक उद्योग के विकास की प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। इस उद्योग के विकास में पूरी मदद दी जाएगी। बदलते दौर में प्लास्टिक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। यह जीवन उपयोगी भी है। प्लास्टिक ने अपनी उपयोगिता कोविड काल में साबित की है। यह जीवन रक्षक के रूप में सामने आया है। कोविड के दौरान पीपीई कीट हो या मॉस्क आदि में प्लास्टिक का उपयोग हुआ है। जीवन में इसकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता है। प्लास्टिक के दुष्प्रभाव भी हैं। इन दुष्प्रभावों को दूर करने के प्रयास होंगे। पर्यावरण की चिंता भी रखी जायेगी।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति और नइ दिशा दी जा रही है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए रिजनल स्तर पर इन्वेस्टर समिट आयोजित किये जा रहे हैं। इसके बेहतर परिणाम भी मिल रहें हैं। प्रदेश में अब तक 6 रिजनल इन्वेस्टर समिट आयोजित हो चुकी है। इनके माध्‍यम से चार लाख करोड़ रूपये का निवेश प्रदेश में आया है। इससे लगभग तीन लाख लोगों को रोजगा मिलेगा। उक्त निवेश से प्रदेश में 200 करोड़ रूपये का राजस्व भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में गुजरात मॉडल पर तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में लगाये गये स्टॉलों का अवलोकन भी किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में इंडियन प्लास्ट पैक फोरम के चेयरमेन सचिन बंसल ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के साझा प्रयासों से आयोजित इस विशाल सम्मेलन में 400 से अधिक कंपनियां अपनी नवीनतम तकनीक, उत्पाद और नवाचारों का प्रदर्शन कर रही हैं। इस आयोजन में 2 हजार से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे है। एक्जीबिशन सेंटर को छह अलग अलग डोम में विभाजित किया गया है, जहां लाइव मशीनों और उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह सम्मेलन व्यापारियों और उद्यमियों के लिए तो एक मंच है ही, साथ ही छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यावरणविदों के लिए भी एक ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करेगा।

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