
मुंबई। मध्य प्रदेश में फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा निवेश प्रस्ताव सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम के दौरान इप्का लैबोरेटरीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री अजीत कुमार जैन ने मुलाकात की।
बैठक में इप्का की ओर से देवास और विक्रम उद्योगपुरी, उज्जैन में प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर चर्चा हुई। दोनों परियोजनाओं में कंपनी कुल ₹1,080 करोड़ का निवेश करने की योजना पर विचार कर रही है। इससे लगभग 1,500 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। मुख्यमंत्री और कंपनी प्रतिनिधि के बीच परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जरूरी सहयोग को लेकर भी बातचीत हुई।
इप्का लैबोरेटरीज ने देवास में करीब ₹1,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना के जरिए लगभग 1,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। बैठक के दौरान प्रस्तावित परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं और इसे जमीन पर उतारने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई। कंपनी ने अपनी निवेश योजना की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
इप्का की ओर से विक्रम उद्योगपुरी, उज्जैन में भी करीब ₹80 करोड़ के निवेश की परियोजना प्रस्तावित है। इस यूनिट से लगभग 500 रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। देवास और उज्जैन की इन दोनों परियोजनाओं को मिलाकर प्रदेश में इप्का की औद्योगिक मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है।
देवास और विक्रम उद्योगपुरी की प्रस्तावित परियोजनाओं में कुल निवेश ₹1,080 करोड़ है। कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार, इन दोनों प्रोजेक्ट्स से करीब 1,500 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से मध्य प्रदेश में इप्का की विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार होगा और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को भी बढ़ावा मिल सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और इप्का के प्रतिनिधि के बीच रतलाम में विकसित हो रहे बायोटेक पार्क को लेकर भी चर्चा हुई। कंपनी के लिए इस क्षेत्र से जुड़ने की संभावनाओं पर विचार किया गया। बताया गया कि रतलाम के बायोटेक पार्क में पर्याप्त भूमि बैंक उपलब्ध है। इसके अलावा इसके पास से आठ लेन का एक्सप्रेस-वे गुजरता है, जिससे कनेक्टिविटी के लिहाज से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में काम करने वाली इप्का लैबोरेटरीज लिमिटेड का मुख्यालय मुंबई में है। कंपनी की स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी। यह बल्क ड्रग, इंटरमीडिएट और विभिन्न फार्मास्यूटिकल फॉर्मूलेशन के निर्माण से जुड़ी है। कंपनी का कारोबार केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। इसके उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मौजूदगी है और कई देशों में इनका निर्यात किया जाता है।
मध्य प्रदेश में इप्का लैबोरेटरीज की पहले से व्यापक औद्योगिक मौजूदगी है। कंपनी की रतलाम, पीथमपुर, इंदौर, भोपाल और देवास में कुल सात विनिर्माण सुविधाएं संचालित हैं। इन इकाइयों के जरिए करीब 7,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार जुड़े होने की जानकारी दी गई। कंपनी के कुल कारोबार में मध्य प्रदेश की इकाइयों का योगदान लगभग 20 प्रतिशत बताया गया है।
मध्य प्रदेश में स्थित इप्का की विनिर्माण इकाइयों से तैयार उत्पादों का निर्यात करीब 120 देशों को किया जाता है। इससे प्रदेश की फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदगी भी दिखाई देती है।
देवास और विक्रम उद्योगपुरी की प्रस्तावित परियोजनाओं के जरिए कंपनी प्रदेश में अपनी गतिविधियों का और विस्तार करना चाहती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और इप्का प्रबंधन के बीच हुई बैठक में इसी निवेश को आगे बढ़ाने और परियोजनाओं के लिए जरूरी सहयोग के मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा हुई।
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