
भोपाल/इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर को इंदौर पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक तलवार और भाले से लेकर अत्याधुनिक एके-47 राइफल तक का विधि-विधान से पूजन किया। मां कालका की आराधना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, शौर्य और राष्ट्र रक्षा की परंपरा देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय सनातन संस्कृति, शौर्य, शक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। शस्त्र धारण करना केवल अपनी ताकत दिखाना नहीं है, बल्कि समाज के कष्ट दूर करने, नागरिकों की रक्षा करने और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है।
कार्यक्रम में सीएम ने पुलिसकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए विभाग में भर्ती, आधुनिक संसाधनों और प्रशिक्षण को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस विभाग में 18,500 पदों पर भर्ती के निर्णय का उल्लेख किया। इसके साथ ही पुलिस सेतु ऐप लॉन्च किया गया और इंदौर पुलिस को उपलब्ध कराए गए 51 दोपहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाई गई।
विजयादशमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर की पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मां कालका की पूजा-अर्चना की और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परंपरागत तलवार, भाला, एके-47 सहित अन्य अस्त्र-शस्त्रों का पूजन किया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस वाहनों और अश्वों की पूजा करने के बाद शस्त्रागार का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने कन्या पाद पूजन कर परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम में महिला पुलिस दल ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। विजयादशमी पर आयोजित इस समारोह में धार्मिक परंपराओं के साथ पुलिस के शौर्य, पराक्रम और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध धर्म की स्थापना का संदेश देता है, वहीं मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध नारी शक्ति के सामर्थ्य को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की परंपरा से समृद्ध सनातन संस्कृति भारतीय समाज के संस्कारों और जीवनशैली को विशिष्ट पहचान देती है। हमारी परंपरा में शस्त्रों को भी तिलक लगाकर श्रद्धा और पवित्रता के साथ पूजने का विधान है। इसका उद्देश्य केवल शस्त्रों के प्रति सम्मान जताना नहीं, बल्कि उनके जिम्मेदार इस्तेमाल की प्रेरणा देना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की सीख देती है। देश का गौरवशाली इतिहास वीरों के त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण से बना है। भारत माता के मान-सम्मान की रक्षा के लिए अनेक वीर सपूतों ने अपने प्राणों तक की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर स्वर्णिम भविष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पुलिस विभाग सहित सभी सरकारी विभागों में मानव संसाधन और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में पुलिस विभाग में 18,500 पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्षों में रिक्त पदों को भरने की दिशा में भी काम किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुल 85 हजार पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने आगामी वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाने की बात कही। उन्होंने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की विशेष परीक्षाएं जनवरी-फरवरी में आयोजित करने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए केवल भर्ती करना ही पर्याप्त नहीं है। पुलिसकर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और नई जांच पद्धतियां उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इसी के साथ फॉरेंसिक सुविधाओं को मजबूत करने और संशोधित आपराधिक कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व शासन और प्रशासन के लिए गौरव और उत्साह के अवसर होते हैं। इन अवसरों पर आयोजित परेड की गरिमा बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले और पुलिस बल में पुलिस बैंड की व्यवस्था विकसित करने की पहल की जा रही है। इसके लिए 750 पदों पर भर्ती किए जाने की बात भी उन्होंने कही। इस पहल का उद्देश्य पुलिस बल की परंपराओं को मजबूत करना और राष्ट्रीय पर्वों के आयोजनों को अधिक प्रभावी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात नागरिकों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उनका समर्पण, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा सम्मान की पात्र है। पुलिसकर्मियों के परिवार भी उनके दायित्वों को निभाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सरकार उनके कल्याण के लिए भी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन में अनुशासन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी अच्छे काम करने वालों को प्रोत्साहित करना भी है। दंड से व्यवस्था कायम होती है, जबकि सम्मान और प्रोत्साहन से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस सेतु ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के माध्यम से नागरिक अपने स्थान के आधार पर संबंधित पुलिस थाने और ड्यूटी अधिकारियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही वे संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क भी कर पाएंगे।
ऐप पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी से जुड़ी जानकारी, संबंधित थानों और अधिकारियों का विवरण, संपर्क सुविधाएं तथा जरूरी पुलिस सेवाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने में उपयोगी साबित हो सकता है। इसकी उपयोगिता को देखते हुए भविष्य में इसे पूरे मध्यप्रदेश में लागू करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने इंदौर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। मुख्यमंत्री के अनुसार, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से पुलिस सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच आसान बनाई जा सकती है।
इंदौर में यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने 51 दोपहिया वाहनों के संचालन का शुभारंभ किया। ये वाहन होंडा इंडिया फाउंडेशन ने आइडियल ट्रैफिक सेफ सिटी परियोजना के तहत इंदौर पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व यानी सीएसआर निधि के माध्यम से संसाधन उपलब्ध कराना नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने का सकारात्मक प्रयास है। इससे शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाले बिना पुलिस को जरूरी सुविधाएं मिल सकती हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने होंडा इंडिया फाउंडेशन की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता के लिए तैयार पोस्टर का विमोचन भी किया। इसके अलावा, इंदौर पुलिस द्वारा नशामुक्ति के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने के लिए किए गए कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
मुख्यमंत्री ने इंदौर में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए अनुशासन के साथ आधुनिक तकनीक और जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण है। पुलिस सेतु ऐप और 51 दोपहिया वाहनों की पहल को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। ऐप के जरिए नागरिकों को पुलिस से संपर्क करने में सुविधा मिलेगी, जबकि दोपहिया वाहन यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में उपयोगी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और जांच की नई तकनीकों से पुलिस व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
कार्यक्रम में महिला पुलिस दल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के नवाचार की मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षमता और दक्षता किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं। बेटियां भी हर जिम्मेदारी को पूरी कुशलता और सामर्थ्य के साथ निभा सकती हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और समान अवसरों की भावना को मजबूत करते हैं। पुलिस सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि वे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का काम चुनौतीपूर्ण होता है। वे चौबीसों घंटे लोगों की सुरक्षा के लिए तैयार रहते हैं। ऐसे में उनके योगदान के साथ-साथ उनके परिवारों के सहयोग और कल्याण को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल लेकर आए। साथ ही उन्होंने बेहतर व्यवस्थाओं और नए प्रयोगों के लिए इंदौर प्रशासन तथा पुलिस विभाग को बधाई दी।
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