
भोपाल। मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लगातार नई औद्योगिक परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी दिशा में 6 जुलाई को भोपाल के सतगढ़ी क्षेत्र में विकसित किए जा रहे 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क' का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया जाएगा।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश और देश के लगभग 200 से अधिक उद्योगपति, निवेशक तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह परियोजना मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
सतगढ़ी में लगभग 173 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार का नया केंद्र बनेगा। यहां आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, चौड़ी सड़कें, बेहतर परिवहन सुविधा, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाएं, आधुनिक लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स सहित भविष्य की जरूरतों के अनुरूप स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य निवेशकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल सके।
इस स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क को 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत केवल उद्योग स्थापित नहीं किए जाएंगे, बल्कि कौशल विकास, नवाचार, आधुनिक जीवनशैली और आवश्यक नागरिक सुविधाओं का भी समन्वित विकास किया जाएगा।
पार्क में हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग, गारमेंट, टॉयज, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स और नई तकनीकों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने की योजना है। इससे राजधानी भोपाल में औद्योगिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार होगा और निवेश के नए अवसर भी तैयार होंगे।
अब तक मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले कोलार क्षेत्र की तस्वीर इस परियोजना से बदलने की उम्मीद है। स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क बनने के बाद यह इलाका निवेश, उद्योग और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। अनुमान है कि इस परियोजना के माध्यम से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिनका सबसे अधिक लाभ भोपाल और आसपास के युवाओं को मिलेगा। साथ ही बढ़ती औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
इस परियोजना की सबसे खास विशेषताओं में से एक विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर भी होगा। लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह परिसर 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला होगा। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशक सम्मेलन, व्यापारिक प्रदर्शनियां, औद्योगिक आयोजन और वैश्विक बिजनेस कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जिबिशन) गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलने की संभावना है।
रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सतगढ़ी क्षेत्र राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, कोलार रोड और प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास से बेहतर तरीके से जुड़ा रहेगा। बेहतर संपर्क व्यवस्था उद्योगों की स्थापना, लॉजिस्टिक्स सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे निवेशकों को संचालन में सुविधा मिलेगी।
स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क को पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा। यहां एससीएडीए आधारित जल प्रबंधन प्रणाली, जल एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और अत्याधुनिक यूटिलिटी कॉरिडोर जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक औद्योगिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क के विकसित होने से भोपाल में औद्योगिक निवेश, आधुनिक विनिर्माण और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। आने वाले वर्षों में यह पार्क भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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