MP News: ₹450 करोड़ की यूनिट के साथ भिंड में गोदरेज का बड़ा धमाका, चंबल में बदली उद्योग की तस्वीर

Published : Aug 26, 2026, 05:56 PM IST
godrej malanpur bhind soap factory inauguration

सार

भिंड के मालनपुर में CM मोहन यादव ने गोदरेज की नई साबुन यूनिट का शुभारंभ किया। ₹450 करोड़ से ज्यादा निवेश वाली यूनिट में हर मिनट 4 हजार साबुन बनेंगे।

भोपाल। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम सामने आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की चौथी नई यूनिट का शुभारंभ किया। कंपनी ने इस यूनिट में 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।

नई यूनिट के शुरू होने के साथ मालनपुर में एशिया की सबसे बड़ी साबुन निर्माण फैक्ट्री स्थापित होने का दावा किया गया है। यहां उत्पादन क्षमता काफी बड़े स्तर पर होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यूनिट में हर मिनट करीब 4,000 साबुन तैयार किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड और चंबल क्षेत्र की पहचान अब बदल रही है। कभी जिन इलाकों को पिछड़ेपन और दस्यु समस्या के कारण जाना जाता था, वहां अब निवेश, उद्योग और रोजगार की नई तस्वीर बन रही है।

Godrej Malanpur Plant: 450 करोड़ के निवेश से नई यूनिट का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गोदरेज की नई यूनिट मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारने का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल एमओयू करने पर जोर नहीं दिया, बल्कि निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की दिशा में काम किया है।

उन्होंने बताया कि दो महीने से भी कम समय में प्रदेश में यह तीसरी बड़ी औद्योगिक यूनिट है, जो शुरू हुई है। इससे पहले करीब 1,500 करोड़ रुपये की लागत वाले गुना सीमेंट प्लांट और 3,500 करोड़ रुपये के शिवपुरी प्लांट की स्थापना की जा चुकी है। सीएम ने कहा कि मालनपुर में शुरू हुई गोदरेज की यूनिट केवल भिंड ही नहीं, बल्कि पूरे ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए महत्वपूर्ण है।

Malanpur Soap Factory: हर मिनट बनेंगे 4 हजार साबुन

गोदरेज की नई यूनिट की उत्पादन क्षमता को लेकर भी मुख्यमंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यहां हर मिनट लगभग 4,000 साबुन तैयार होंगे। सीएम ने अपने संबोधन में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि देश में मच्छर कहीं भी हों, लेकिन गुडनाइट भिंड से ही जाएगा। गोदरेज के साबुन और अन्य उपभोक्ता उत्पादों के लंबे समय से लोगों के बीच भरोसे को भी उन्होंने रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोदरेज ऐसा नाम है जिसे देश के घर-घर में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक घराने जब किसी क्षेत्र में निवेश करते हैं तो उसका असर सिर्फ उद्योग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई परिवारों के लिए रोजगार और आय के रास्ते खुलते हैं।

Make in MP: मालनपुर से मजबूत हो रही औद्योगिक पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मालनपुर में हुआ निवेश ‘मेड इन एमपी’ और ‘फेथ इन एमपी’ की मिसाल बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को केवल निवेश का प्रस्ताव देने तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने बताया कि करीब 8-10 महीने पहले भी वे मालनपुर आए थे। उस समय एलिक्सर इंडस्ट्रीज के करीब 1,500 करोड़ रुपये के प्लांट का भूमि-पूजन किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का लोकार्पण भी जल्द किया जाएगा। उनके मुताबिक उद्योग और निवेश के क्षेत्र में मध्य प्रदेश केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। इसका सीधा फायदा युवाओं को रोजगार और राज्य की अर्थव्यवस्था को मिल रहा है।

MP Investment: 10 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश धरातल पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर जितने एमओयू होते हैं, उनमें से करीब 10 प्रतिशत ही जमीन पर उतर पाते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश में 30 प्रतिशत से ज्यादा निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदला गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश विभिन्न चरणों में मूर्त रूप ले रहा है। कई कंपनियां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं और आने वाले समय में इनसे रोजगार के और अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के निर्यात को लेकर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्य की विदेशी निर्यात क्षमता बढ़कर 76 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के पास समुद्र नहीं है, फिर भी यहां बने उत्पाद सात समंदर पार तक पहुंच रहे हैं।

Gwalior-Chambal Investment: चंबल की बदल रही तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने से पहले राज्य सरकार ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों की औद्योगिक संभावनाओं को समझने की कोशिश की थी। इसी प्रक्रिया के तहत ग्वालियर में टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी यूनिट स्थापित करने की योजना पर काम हो रहा है। टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन यानी TMZ के जरिए ग्वालियर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबल क्षेत्र कभी दस्यु समस्या के लिए चर्चा में रहता था, लेकिन अब ग्वालियर-चंबल अंचल निवेश, उद्योग और रोजगार के लिहाज से अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि औद्योगिक विस्तार से हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सीएम ने यह भी उम्मीद जताई कि गोदरेज समूह मालनपुर में अपनी पांचवीं यूनिट भी जल्द शुरू करेगा। उन्होंने कंपनी से स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की अपील की।

GIS 2027: जनवरी में फिर निवेश का बड़ा मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानी GIS 2027 का आयोजन जनवरी में किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर इस आयोजन का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। तेजी से आ रहे निवेश से रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं और राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर कम होने का भी दावा किया और कहा कि सरकार का फोकस निवेश के साथ रोजगार पैदा करने पर है।

Narendra Singh Tomar: चंबल में बढ़ रहा औद्योगिक निवेश

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में लगातार निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि कभी चंबल को देश के पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता था, लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। उन्होंने बताया कि भिंड जिले में हाइड्रोजन तैयार करने वाले प्लांट का शिलान्यास भी हो चुका है। उनके मुताबिक मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ के संकल्प को मजबूती मिल रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि गोदरेज के विस्तार से मालनपुर और आसपास के स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कंपनी के उत्पादों और उपभोक्ताओं के बीच बने लंबे भरोसे का भी उल्लेख किया।

Godrej Malanpur: 35 साल पुराना है कंपनी का रिश्ता

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज ने कहा कि मालनपुर के साथ कंपनी का रिश्ता करीब 35 साल पुराना है। उन्होंने बताया कि उनके पिता आदि गोदरेज ने 1991 में यहां साबुन निर्माण की यूनिट शुरू की थी। उन्होंने कहा कि गोदरेज नंबर-1 साबुन मालनपुर की धरती पर तैयार होकर देश के प्रमुख ब्रांडों में शामिल हुआ है। कंपनी ने इस क्षेत्र में लंबे समय से उत्पादन और रोजगार के जरिए अपनी मौजूदगी बनाए रखी है।

निसाबा गोदरेज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा और आवास समेत जरूरी सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे महिलाओं को नाइट शिफ्ट में भी काम करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार के साथ कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता दिखाने के मौके भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

Malaria Free MP: 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाने में साथ देगा गोदरेज

निसाबा गोदरेज ने बताया कि कंपनी ने मलेरिया और मच्छरों से फैलने वाली अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष उत्पाद तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में मलेरिया के मामलों में कमी दर्ज की गई है। गोदरेज ने वर्ष 2030 तक मध्य प्रदेश को मलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य में राज्य सरकार के साथ काम करने की इच्छा जताई है। कंपनी का कहना है कि मच्छर जनित बीमारियों के खिलाफ जागरूकता और उत्पादों के जरिए भी योगदान दिया जाएगा।

Godrej Investment: मालनपुर में अब तक 850 करोड़ का निवेश

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के एमडी और सीईओ आसिफ मलबारी ने कहा कि मालनपुर के लिए नई यूनिट का शुरू होना ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि गोदरेज के उत्पाद भारतीय परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी करीब 35 साल पहले मालनपुर में आई थी। वर्तमान में करीब 70 एकड़ क्षेत्र में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट संचालित हो रही है और यहां अब तक कुल करीब 850 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। कंपनी के मुताबिक गोदरेज की कुल साबुन निर्माण क्षमता करीब 2 लाख टन है। नई यूनिट के विस्तार के साथ कंपनी पूरे एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी साबुन निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

रोजगार और निवेश के लिहाज से चंबल के लिए बड़ा कदम

मालनपुर में गोदरेज की नई यूनिट का शुभारंभ ऐसे समय हुआ है जब मध्य प्रदेश सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। 450 करोड़ रुपये से ज्यादा के इस निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार और सप्लाई चेन से जुड़े अवसर बढ़ने की उम्मीद है। चंबल की पुरानी छवि से आगे बढ़कर मालनपुर का औद्योगिक विस्तार अब इस क्षेत्र की नई पहचान तैयार कर रहा है। गोदरेज की नई यूनिट उसी बदलाव की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है।

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