MP News: CM मोहन यादव और मनोहर लाल खट्टर करेंगे इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर का भूमिपूजन, सिंहस्थ 2028 को मिलेगी नई रफ्तार

Published : Jun 19, 2026, 09:57 PM IST
indore ujjain green field corridor Bhoomi Pujan

सार

MP Infra Update: क्या इंदौर-उज्जैन की दूरी अब और कम होगी? क्या सिंहस्थ-2028 के लिए बन रहा है नया हाईटेक कॉरिडोर? 2935 करोड़ की इस परियोजना से किन 15 लाख लोगों को फायदा मिलेगा? 917 किसानों को 8 गुना तक मुआवजा क्यों मिला? क्या मालवा क्षेत्र को मिलने जा रहा है विकास का नया इंजन?

इंदौर। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर 20 जून को इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में आयोजित होगा। प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल यह कॉरिडोर सिंहस्थ मेले की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ क्षेत्रीय विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।

Indore Ujjain Green Field Corridor: 48 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग बनेगा

प्रस्तावित ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 48 किलोमीटर होगी। इस फोरलेन सड़क के निर्माण पर करीब 2,935 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के पास स्थित सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा अधिक तेज, सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगी। विशेष रूप से सिंहस्थ मेले के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Simhastha 2028 Preparation: श्रद्धालुओं को मिलेगा आसान और तेज कनेक्टिविटी नेटवर्क

सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु इंदौर एयरपोर्ट से सीधे इस कॉरिडोर के माध्यम से उज्जैन पहुंच सकेंगे। इससे मौजूदा मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों का समय भी बचेगा। सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ के दौरान सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Farmers Compensation: 917 किसानों को मिला बाजार दर के आधार पर मुआवजा

परियोजना के लिए कुल 242.939 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिससे 917 किसान प्रभावित हुए हैं। इन किसानों को 816 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा प्रदान किया गया है। विशेष बात यह है कि किसानों को पारंपरिक कलेक्टर गाइडलाइन के बजाय वास्तविक बिक्री दरों के आधार पर भुगतान किया गया। इसके चलते कई किसानों को सामान्य दरों की तुलना में 4 से 8 गुना अधिक मुआवजा मिला है। प्रदेश में इस प्रकार की पहल को पहली बार लागू किया गया है, जिससे किसानों में संतोष का वातावरण देखा जा रहा है।

Malwa Development Corridor: 28 गांव सीधे जुड़ेंगे, 15 लाख लोगों को लाभ

ग्रीन फील्ड कॉरिडोर से इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के 8 गांव सीधे तौर पर जुड़ेंगे। इसके अलावा आसपास के 40 से 50 गांवों के करीब 15 लाख लोगों को भी इस परियोजना का लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

Industrial And Tourism Growth: मालवा क्षेत्र को मिलेगा विकास का नया इंजन

यह परियोजना केवल सिंहस्थ आयोजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इंदौर-उज्जैन क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन विकास को भी नई गति प्रदान करेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश, रोजगार और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ग्रीन फील्ड कॉरिडोर आने वाले वर्षों में मालवा क्षेत्र के लिए विकास का नया मार्ग साबित हो सकता है।

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