MP News: मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी सीमा 100 लाख मेट्रिक टन, किसानों की आय बढ़ाने CM मोहन यादव का बड़ा कदम

Published : Apr 23, 2026, 07:32 PM ISTUpdated : Apr 23, 2026, 07:38 PM IST
madhya pradesh Wheat Procurement limit increased 100 lakh metric ton

सार

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास से गेहूं खरीदी सीमा 78 से बढ़ाकर 100 लाख मेट्रिक टन कर दी गई है। इस फैसले से किसानों को अपनी उपज बेचने के अधिक अवसर मिलेंगे और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसान कल्याण के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं, इसका अंदाजा हाल ही में लिए गए इस बड़े फैसले से लगाया जा सकता है। उनके अनुरोध पर केंद्र सरकार ने प्रदेश का गेहूं खरीदी कोटा बढ़ा दिया है। पहले भारत सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया था, जिसे अब बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह निर्णय नरेंद्र मोदी की किसान हितैषी सोच को भी दर्शाता है।

MSP पर गेहूं खरीदी 100 लाख मीट्रिक टन: किसानों को बड़ा फायदा

केंद्र सरकार द्वारा गेहूं खरीदी का कोटा बढ़ाए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश के किसानों के हित में यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इस वर्ष प्रदेश में गेहूं उत्पादन बढ़ा है, इसलिए राज्य सरकार ने केंद्र से समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया था। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने तत्परता दिखाते हुए कोटा 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।

 

 

गेहूं खरीदी प्रक्रिया: छोटे से बड़े किसानों तक चरणबद्ध व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। सबसे पहले छोटे किसानों से, फिर मध्यम वर्ग के किसानों से और उसके बाद बड़े किसानों से खरीदी की जाएगी। इससे सभी वर्गों के किसानों को समान अवसर मिल सकेगा और व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकेगी। उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, यह निर्णय किसानों के परिश्रम का सम्मान है और उन्हें उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

किसान कल्याण योजनाएं: सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार किसानों की समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। इसके तहत फसल बीमा योजनाओं का विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ावा, और किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने जैसी कई पहलें की जा रही हैं। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को त्वरित राहत देने के लिए भी सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है, ताकि किसानों को किसी भी संकट में सहारा मिल सके।

किसान आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: नीतियों का सकारात्मक असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नीतियों का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती को लाभकारी बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से किसानों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। इन प्रयासों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखने लगा है, जिससे किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। सरकार के ये कदम न केवल वर्तमान को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।

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