
इंदौर। मध्यप्रदेश में तकनीकी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की कोशिशों के बीच ग्वालियर से बड़ी खबर सामने आई है। डेटा सेंटर और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी 'साइटैक आरई प्राइवेट लिमिटेड' ने ग्वालियर में 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पेश की है। कंपनी यहां एक अत्याधुनिक एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करना चाहती है। इस परियोजना से प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इसी दौरान साइटैक आरई के प्रबंध निदेशक सी. डी. सिंह और विजय राज सिंह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर निवेश योजना की जानकारी दी।
बैठक के दौरान कंपनी ने ग्वालियर स्थित एमपीएसईडीसी आईटी पार्क में अत्याधुनिक एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना में करीब 3,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। एआई-रेडी डेटा सेंटर ऐसे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा होते हैं, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कामों और अधिक कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया जाता है। ऐसे केंद्रों की मदद से डेटा प्रोसेसिंग, डिजिटल सेवाओं और एआई आधारित तकनीकों के संचालन को मजबूती मिलती है। ग्वालियर में इस तरह की परियोजना आने से शहर के तकनीकी क्षेत्र को नई पहचान मिलने की संभावना है। साथ ही, मध्यप्रदेश में डेटा सेंटर और आईटी क्षेत्र से जुड़े दूसरे निवेशकों के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं।
प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजना का एक बड़ा पहलू रोजगार है। इसके तहत प्रदेश के युवाओं के लिए 200 उच्च-कुशल और तकनीकी पदों पर प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होने की संभावना है। इसके अलावा, सहायक सेवाओं और अन्य संबंधित गतिविधियों में करीब 600 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है।
तकनीकी पदों पर रोजगार के अवसर बनने से स्थानीय युवाओं को डेटा सेंटर, आईटी और डिजिटल सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में काम करने का मौका मिल सकता है। वहीं, सहायक सेवाओं की मांग बढ़ने से दूसरे व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ये रोजगार प्रस्तावित परियोजना से जुड़े अनुमान हैं। वास्तविक रोजगार के अवसर परियोजना के क्रियान्वयन और संचालन के साथ विकसित होंगे।
मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कंपनी के प्रतिनिधियों से निवेश योजना पर चर्चा की। उन्होंने उन्हें अगले वर्ष जनवरी में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया। राज्य सरकार का जोर तकनीकी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर है। ग्वालियर में प्रस्तावित डेटा सेंटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश योजना हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कंपनी प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल नीतियां लागू हैं और निवेशकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्राथमिकता से काम करेगी।
प्रस्तावित निवेश को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी को समयबद्ध स्वीकृति, सुगम भूमि आवंटन और प्रतिस्पर्धी बिजली दरों सहित जरूरी प्रशासनिक और नीतिगत सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सरकार के मुताबिक, परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। निवेशकों को समय पर मंजूरी और बुनियादी सुविधाएं मिलना किसी भी बड़े तकनीकी प्रोजेक्ट के लिए अहम होता है। ऐसे में राज्य सरकार का सहयोग इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कंपनी ने मध्यप्रदेश की आईटी-आईटीईएस एवं डेटा सेंटर नीति के तहत कैबिनेट कमेटी ऑन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (CCIP) में प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए आवेदन भी किया है।
नई दिल्ली स्थित साइटैक आरई प्राइवेट लिमिटेड डेटा सेंटर साइट डेवलपमेंट और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाला समूह है। कंपनी को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में डेटा सेंटर विकास का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी है। भारत में कंपनी 600 मेगावाट से अधिक क्षमता वाली पवन ऊर्जा परिसंपत्तियों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है। डेटा सेंटर और नवीकरणीय ऊर्जा, दोनों क्षेत्रों में उसका अनुभव ग्वालियर में प्रस्तावित परियोजना के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह निवेश योजना आगे बढ़ती है, तो इससे मध्यप्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ तकनीकी क्षेत्र में नए आर्थिक अवसर पैदा हो सकते हैं।
इंदौर में आयोजित मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 का उद्देश्य तकनीकी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री की उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ बैठकें इसी प्रयास का हिस्सा हैं। ग्वालियर में 3,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव प्रदेश में डेटा सेंटर, आईटी और डिजिटल तकनीक से जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं को सामने लाता है। प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ स्थानीय स्तर पर तकनीकी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। फिलहाल कंपनी ने निवेश योजना साझा की है और सरकारी प्रोत्साहनों के लिए आवेदन किया है। परियोजना की अगली प्रगति स्वीकृतियों और आगे की प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।