
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 जुलाई को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने हाल ही में पुलिस विभाग में हुए बड़े पदोन्नति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि अब इन पदोन्नतियों का लाभ जनता को बेहतर कानून व्यवस्था और प्रभावी पुलिसिंग के रूप में मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधों पर कड़ी निगरानी रखते हुए कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सबसे भरोसेमंद और सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने के लिए हर स्तर पर गंभीर प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में विभिन्न स्तरों पर लगभग 25 हजार पदोन्नतियां पूरी करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को बधाई भी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए गए विशेष पदोन्नति अभियान के तहत आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक और निरीक्षक स्तर तक लंबे समय से लंबित पदोन्नतियां पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों की तरह पुलिस विभाग में भी पदोन्नति का सीधा लाभ आम नागरिकों को बेहतर सेवाओं के रूप में मिलना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में पद रिक्त होने पर समय पर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित कर प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए और बैकलॉग समाप्त करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजधानी से लेकर सभी जिलों तक पुलिस अधिकारियों को इन कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करना होगा। साथ ही उन्होंने आने वाले त्योहारों और स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए ताकि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिति सामान्य हुई है। उन्होंने कहा कि अब इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। पुलिस भी स्थानीय लोगों के साथ सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी कर विकास प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रहे नशामुक्ति अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान को जनता का अच्छा समर्थन मिला है और बड़ी संख्या में लोगों ने नशा छोड़ने की शपथ ली है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तय किए गए लक्ष्य के अनुरूप समय से पहले बेहतर परिणाम हासिल किए जाएं। इसके लिए पुलिस विभाग उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाए। अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित करने की भी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती राज्यों से आने वाले नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को भी उसी अनुपात में मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों को एसआईएसएफ के माध्यम से लाइसेंसधारी सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और सक्षम बनाया जाए ताकि किसी भी परिस्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस विभाग में स्वीकृत सभी रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों—बैगा, सहरिया और भारिया—के योग्य युवाओं को पुलिस सहित अन्य सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन जनजातियों के निवास वाले छह जिलों में युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देने पर विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी गणतंत्र दिवस तक प्रदेश के प्रत्येक जिले में अपना पुलिस बैंड ग्रुप तैयार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकांश जिलों में पदों की पूर्ति हो चुकी है, जबकि शेष जिलों में भी यह कार्य जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पुलिस हाउसिंग बोर्ड के निर्माण कार्य, पुलिस वाहनों की उपलब्धता, पुलिस भर्ती बोर्ड तथा घटनास्थल पर एफएसएल जैसी वैज्ञानिक जांच व्यवस्था विकसित करने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
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