
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड (MPTB) और टाटा स्ट्राइव (Tata STRIVE-टाटा कम्युनिटी इनिशिएटिव्स ट्रस्ट) के बीच 2 साल की अवधि के लिए महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) हुआ है। जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों की आपसी सहमति से इसकी अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकेगी।
समझौते पर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की ओर से डायरेक्टर (कौशल) श्री डी. पी. सिंह और टाटा स्ट्राइव की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमेया वंजारी ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी भी मौजूद रहे।
इस साझेदारी का फोकस प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे सेक्टर को मजबूत करने पर है। खास तौर पर ग्रामीण होमस्टे संचालकों की आय बढ़ाने, उनकी सेवाओं को बेहतर बनाने और उन्हें विश्वस्तरीय आतिथ्य मानकों के अनुरूप तैयार करने की कोशिश की जाएगी।
एमओयू का फायदा सिर्फ होमस्टे संचालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण युवा और पर्यटन सेवाओं से जुड़े लोग भी इसके प्रमुख लाभार्थी होंगे। साझेदारी के जरिए स्थानीय स्तर पर युवाओं को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए जरूरी कौशल दिया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन निगम के होटलों और निजी क्षेत्र के दूसरे होटलों के लिए प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर रहेगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं और बेहतर सुविधाओं वाले होमस्टे से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। इसका सीधा असर ग्रामीण पर्यटन इकोसिस्टम को मजबूत करने पर पड़ेगा।
एमओयू के पहले चरण में ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे इकोसिस्टम से जुड़े करीब 1,000 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें 'पूर्व अधिगम की मान्यता' यानी Recognition of Prior Learning (RPL) के साथ अपस्किलिंग प्रशिक्षण भी शामिल है।
प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक रखने के बजाय रोजमर्रा के होमस्टे और पर्यटन कारोबार में काम आने वाले विषयों पर फोकस किया गया है। इसमें होमस्टे संचालन, डिजिटल बुकिंग, OTA प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल, फ्रंट ऑफिस और हाउसकीपिंग जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा स्थानीय व्यंजन, Food & Beverage, गाइडिंग, सुरक्षा, स्वच्छता, सतत पर्यटन और राजस्व प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा होगी।
आने वाले चरणों में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के होटल और रिसॉर्ट स्टाफ के लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। साथ ही प्रदेश के युवाओं को आतिथ्य क्षेत्र में रोजगार के लिहाज से जरूरी कौशल देने पर भी काम होगा। इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर ऐसा मानव संसाधन तैयार करना है, जो पर्यटकों की बदलती जरूरतों के अनुसार बेहतर सेवाएं दे सके। इससे प्रदेश में पर्यटन के साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
इस समझौते की एक खास बात इसका वित्तीय मॉडल भी है। प्रशिक्षण संचालन के लिए MPTB की ओर से टाटा स्ट्राइव को कोई राशि नहीं दी जाएगी। प्रशिक्षकों की उपलब्धता, उनका मानदेय और प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने का पूरा खर्च टाटा स्ट्राइव वहन करेगा। वहीं, MPTB की जिम्मेदारी प्रशिक्षण स्थल उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं के लिए आवास एवं भोजन की व्यवस्था करने की होगी। यानी प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पर अतिरिक्त प्रशिक्षण शुल्क का बोझ नहीं पड़ेगा।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी हितग्राहियों को IHCL–Tata STRIVE और MPTB की ओर से संयुक्त रूप से उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा। यह प्रमाणपत्र प्रशिक्षित युवाओं और होमस्टे संचालकों की पेशेवर पहचान को मजबूत करने में मदद करेगा। साथ ही उनके लिए रोजगार, बेहतर आय और स्वरोजगार के नए अवसर तलाशना आसान होगा।
कुल मिलाकर, MPTB और Tata STRIVE की यह साझेदारी मध्यप्रदेश के ग्रामीण पर्यटन को सिर्फ पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने तक सीमित नहीं है। इसका बड़ा लक्ष्य स्थानीय लोगों को पर्यटन की पूरी प्रक्रिया से जोड़ना, उनकी कमाई बढ़ाना और गांवों में ही रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
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