
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई को परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश में नागरिकों को बेहतर और संस्थागत लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’ को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित, सुलभ और सुगम परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश की सीमाओं पर अन्य राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों की जांच के लिए परिवहन चौकियों और टोल नाकों को अधिक आधुनिक और सुविधायुक्त बनाया जाए। इसके लिए परिवहन चौकियों को एकीकृत (इंटीग्रेटेड) करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
उन्होंने राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। साथ ही परिवहन विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों की मैपिंग की जाए ताकि जरूरतमंदों तक मेडिकल सेवाएं तेजी से पहुंचाई जा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों की एम्बुलेंस सेवाओं को एक साझा प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए, ताकि दुर्घटना स्थल के सबसे नजदीकी एम्बुलेंस को ऑटो मोड में भेजा जा सके और 30 मिनट से कम समय में सहायता उपलब्ध हो सके।
बैठक में परिवहन सचिव मनीष सिंह ने जानकारी दी कि पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। पीएम-राहत योजना के तहत सभी 55 जिलों में जिला नोडल अधिकारियों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। योजना में कुल 2,298 मामलों में से 1,692 प्रकरणों को मंजूरी मिल चुकी है।
राहवीर योजना के अंतर्गत अब तक 109 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 49 मामलों को स्वीकृति दी गई है। बालाघाट जिले में इस योजना के तहत विशेष रूप से अच्छा काम किया गया है।
बैठक में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी (SCCoRS) की हालिया बैठक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा योजनाओं के सफल संचालन और प्रचार-प्रसार की सराहना की गई है। कमेटी की सिफारिश पर अब प्रदेश में अलग से ‘म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का गठन किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग को 4,400 करोड़ रुपये राजस्व लक्ष्य दिया गया था, जबकि विभाग ने 4,911.78 करोड़ रुपये की आय अर्जित की। यह तय लक्ष्य से 111.6 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 5,721 करोड़ रुपये राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
परिवहन विभाग की ओर से प्रदेश में 51 प्रकार की फेसलेस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इससे नागरिकों को बिचौलियों से राहत मिली है और पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय मंत्री, अधिकारियों और मैदानी अमले को इन उपलब्धियों के लिए बधाई भी दी।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क विस्तार, महिला सुरक्षा और आम नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’ की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने योजना को जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश को सात क्षेत्रों — इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) और रीवा (शहडोल सहित) में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो वर्षों में किया जाएगा। इन बसों की निगरानी के लिए आधुनिक इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
योजना के पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के 121 मार्गों पर 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों पर 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों पर 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों पर 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों पर 298 बसें और रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों पर 184 बसें संचालित की जाएंगी। सरकार ने बताया कि योजना के तहत चलने वाली सभी बसों का रंग एक समान रखा जाएगा, जिससे एकरूपता बनी रहे।
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