
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन बिल, यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023, को लागू करने में देरी और बाधाओं को लेकर कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा में यह महत्वपूर्ण विधेयक पास नहीं हो सका, जबकि कांग्रेस इसके जश्न में लगी हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रियंका गांधी, जो पहले “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” जैसे नारे देती थीं, अब महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर पीछे हट गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को दबाने का काम किया है।
डॉ. यादव ने कांग्रेस के इतिहास को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि यह परंपरा पुरानी है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि 40 साल पहले भी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को संसद में बदलकर महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का रिकॉर्ड महिलाओं के हितों के खिलाफ रहा है और यह बिल भी उसी मानसिकता का शिकार हुआ।
मुख्यमंत्री ने एम.व्ही.एम मैदान में आयोजित जन-आक्रोश महिला पदयात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और आम महिलाएं शामिल हुईं। उन्होंने विपक्ष के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से काले गुब्बारे भी छोड़े और कहा कि यह विरोध महिलाओं के अपमान के खिलाफ है।
डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं सब कुछ भूल सकती हैं, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलतीं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों पर चोट पहुंचाई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी और जो लोग महिलाओं के साथ अन्याय कर रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार चाहती थी कि सभी दल मिलकर इस कानून को पास करें, लेकिन संख्या बल के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश की सभी नगर पालिकाओं और नगर निगमों में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के लिए उठाया जा रहा है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि महिला आरक्षण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इसका विरोध कर नारी शक्ति का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, जैसे उज्ज्वला योजना, नल से जल, मुद्रा योजना, तीन तलाक का अंत और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान।
पूर्व मंत्री और विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि इस पदयात्रा में प्रदेशभर से महिलाएं आई हैं, जो अपने विचार मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी महिलाओं को संसद में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए जागरूक हैं और सरकार से मार्गदर्शन और समर्थन चाहती हैं।
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