मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए बनेंगे नए हॉस्टल, सीएम की बैठक में हुए कई बड़े फैसले

Published : Jun 01, 2026, 09:54 PM IST
Women and Child Welfare a Top Priority CM Mohan Yadav Orders Accountability and Strong Action Against Negligence

सार

Mohan Yadav Women Welfare: महिलाओं और बच्चों के कल्याण को लेकर सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को क्या सख्त संदेश दिया? मध्यप्रदेश में 9 लाख से ज्यादा बच्चों के लिए आयोजित ग्रेजुएशन सेरेमनी की देशभर में क्यों हो रही चर्चा? लाड़ली बहना, मातृ वंदना और आंगनबाड़ी उन्नयन जैसी योजनाओं से प्रदेश को क्या बड़ा फायदा मिला है?

किसी भी राज्य की प्रगति का सही पैमाना उसकी सड़कों, इमारतों या उद्योगों से नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों के जीवन स्तर से तय होता है। मध्यप्रदेश सरकार अब इसी सोच को केंद्र में रखकर अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रविवार को मंत्रालय में आयोजित महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनभागीदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी जमीनी स्तर पर अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पोषण सुधार के लिए कई विभाग मिलकर करेंगे काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए केवल महिला एवं बाल विकास विभाग पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ-साथ निजी अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के अन्य राज्यों और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे सफल नवाचारों का अध्ययन कर उन्हें व्यापक स्तर पर लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।

कामकाजी महिलाओं के लिए बढ़ेगी सुविधाएं

बैठक में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने उन औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल विकसित करने की योजना बनाने को कहा, जहां महिला कर्मचारियों की संख्या अधिक है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि देवास, नर्मदापुरम, झाबुआ और सिंगरौली में वर्किंग वुमेन हॉस्टल के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। वहीं संकटग्रस्त महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में नए वन स्टॉप सेंटर भी स्वीकृत किए गए हैं।

66 हजार से ज्यादा बच्चों को मिली मदद

बाल संरक्षण के क्षेत्र में भी सरकार की कई पहलें जारी हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश के 51 जिला स्तरीय और एक राज्य स्तरीय हेल्प सेंटर द्वारा अब तक 66 हजार से अधिक बच्चों को सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अलावा जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान और निगरानी के लिए 13 जिलों में विशेष मैपिंग प्रक्रिया भी चल रही है, जिससे जरूरतमंद बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

9 लाख से ज्यादा बच्चों के लिए आयोजित हुई ग्रेजुएशन सेरेमनी

मध्यप्रदेश सरकार के एक अनूठे नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। प्रदेश में 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 9 लाख 28 हजार बच्चों के लिए विशेष ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार करना और उनका स्कूल में सहज प्रवेश सुनिश्चित करना था। अधिकारियों के अनुसार इस मॉडल को देशभर में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया है।

आंगनबाड़ी उन्नयन में मध्यप्रदेश अग्रणी

सक्षम आंगनबाड़ी उन्नयन अभियान के तहत प्रदेश में एक साथ 12,670 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में परिवर्तित किया गया है। इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

सरकार का मानना है कि मजबूत आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की नींव को मजबूत करती है।

लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं का बड़ा प्रभाव

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024 से मई 2026 तक 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 47,775 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। वहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत मई 2026 तक 15.84 लाख बालिकाओं का पंजीयन किया गया है और 537 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

मातृ वंदना योजना में लगातार अव्वल मध्यप्रदेश

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत 15.51 लाख गर्भवती महिलाओं को 798.68 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की गई है। पिछले ढाई वर्षों से इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।

महिलाओं और बच्चों के भविष्य पर सरकार का फोकस

समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना चाहती है। पोषण, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर सरकार का बढ़ता फोकस आने वाले समय में प्रदेश की सामाजिक विकास यात्रा को नई दिशा दे सकता है।

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