बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: शूटरों ने 25 बार की घर की रेकी, यूं दिया पुलिस को चकमा

Published : Nov 11, 2024, 12:40 PM ISTUpdated : Nov 11, 2024, 12:51 PM IST
Baba Siddique

सार

पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या एक सुनियोजित षड्यंत्र का नतीजा थी, जिसमें 25 से ज़्यादा बार रेकी, एन्क्रिप्टेड चैट और शूटरों की भागीदारी शामिल थी। जाँच में सलमान ख़ान से दोस्ती का भी एंगल सामने आया है।

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या बेहद गहरी साजिश के तहत की गई। शूटरों ने बारीकी से सिद्दीकी की हत्या की प्लानिंग की। 25 से अधिक बार उनके घर की रेकी की गई। इस दौरान पुलिस को चकमा देने के लिए अपराधियों ने एन्क्रिप्टेड ऐप स्नैप चैट के जरिए बातचीत की। हत्यारों ने मंत्री की पूरी दिनचर्या की जानकारी जुटाई थी।

बाबा सिद्दीकी और सलमान खान करीबी दोस्त थे। जांच से पता चला है कि सिद्दीकी की हत्या की एक वजह यह भी हो सकती है। 12 अक्टूबर 2024 को 66 साल के सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह बेटे जीशान सिद्दीकी के मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित ऑफिस के बाहर आतिशबाजी कर रहे थे।

शूटर शिवकुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मिली बड़ी जानकारी

उत्तर प्रदेश से वांटेड शूटर शिवकुमार की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ के सूत्रों ने ये ताजा जानकारी मिली है। पूछताछ के दौरान शिवकुमार ने पुलिस को बताया कि हत्या का आदेश जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने अपने भाई अनमोल के माध्यम से दिया था। वह संभवतः कनाडा में रहता है।

अनमोल ने शिवकुमार और गुरमेल सिंह को दिया था हत्या का काम

अनमोल ने शिवकुमार और गुरमेल सिंह को शूटर का काम सौंपा था। हत्या के बाद शिवकुमार भागने में सफल रहा। गुरनेल को सुरक्षाकर्मियों ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। हत्या के बाद शिवकुमार मौके से भाग गया। उसने अपना बैग फेंक दिया। उसे दो दिन बाद बरामद किया गया। उसमें तीन बंदूकें और दो शर्ट थीं।

ट्रेन में साथी यात्रियों के फोन लेकर शिव कुमार ने की बात

मुंबई से भागकर वह पहले पुणे और फिर झांसी गया। इसके बाद लखनऊ के लिए निकला और आखिरकार बहराइच पहुंचा। यात्रा के दौरान शिव कुमार ने सह-यात्रियों से फोन मांगा और अपने आकाओं से बात की। ट्रेन में यात्रा करते समय उसने एक यात्री का फोन मांगा और अनुराग कश्यप (आरोपी धर्मराज कश्यप का भाई) से संपर्क किया। अनुराग ने उसे बहराइच जाने और फिर नेपाल भागने के लिए कहा।

शुभम लोनकर और मोहम्मद यासीन अख्तर ने शूटरों को पिस्टल दिए थे। बाबा सिद्दीकी की हत्या के बारह घंटे बाद लोनकर ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए पोस्ट डाली थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया था।

शुभम लोनकर के माध्यम से बिश्नोई के संपर्क में आया था शिव कुमार

शिव कुमार ने पुलिस को बताया है कि वह शुभम लोनकर के माध्यम से बिश्नोई के संपर्क में आया था। लोनकर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करता था। वह गिरोह के लिए हथियारों की तस्करी रैकेट का हिस्सा था। लोनकर ने उसे अनमोल बिश्नोई से संपर्क करवाया। उनके बीच स्नैप चैट के जरिए बातचीत होती थी।

अनमोल बिश्नोई ने उसे 10 लाख रुपए और हत्या के बाद एक मासिक राशि की पेशकश की थी। हत्या से पहले आरोपी ने सिद्दीकी के घर की 25 से ज्यादा बार टोह ली थी। बता दें कि मुंबई पुलिस ने 7 नवंबर तक सिद्दीकी हत्या मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

यह भी पढ़ें- बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: आखिरी शूटर भी गिरफ्तार, नेपाल भागने की थी तैयारी

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