पत्नी के मर्डर केस में 4 साल बाद प्रोफेसर गिरफ्तार, बेटी का एक टेस्ट बना गेमचेंजर सबूत

Published : Dec 10, 2025, 03:55 PM IST
पत्नी के मर्डर केस में 4 साल बाद प्रोफेसर गिरफ्तार, बेटी का एक टेस्ट बना गेमचेंजर सबूत

सार

पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को पत्नी की हत्या के 4 साल बाद गिरफ्तार किया गया है। 2021 में हुए इस हत्याकांड में कोई सीधा सबूत नहीं था। यह गिरफ्तारी ब्रेन मैपिंग जैसी फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक जांच के बाद संभव हुई।

चंडीगढ़: पत्नी की हत्या के 4 साल बाद प्रोफेसर पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बी.बी. गोयल को चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। पुलिस को शुरू से ही शक था कि प्रोफेसर ही कातिल है, लेकिन कोई सबूत नहीं मिल रहा था। ब्रेन इलेक्ट्रिकल ऑसिलेशन सिग्नेचर प्रोफाइलिंग समेत कई फॉरेंसिक और मनोवैज्ञानिक जांच के बाद यह गिरफ्तारी हुई है।

सीमा गोयल (60) 4 नवंबर 2021 को दिवाली के दिन मृत पाई गई थीं। उनका शव बी.बी. गोयल के यूनिवर्सिटी आवास पर मिला था। उनके हाथ-पैर कपड़े से बंधे हुए थे। पोस्टमॉर्टम में पुष्टि हुई कि उनकी मौत दम घुटने से हुई थी। घर में किसी के आने या लूटपाट के कोई निशान नहीं थे। यह चंडीगढ़ पुलिस द्वारा जांचे गए सबसे रहस्यमयी मामलों में से एक है। कोई फिंगरप्रिंट नहीं मिला। डीएनए जांच में भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा। कोई हथियार भी बरामद नहीं हुआ। सीसीटीवी में बाहर से कोई आता-जाता नहीं दिखा। सीमा गोयल का मोबाइल फोन भी अब तक नहीं मिला है।

बी.बी. गोयल ने पुलिस को बताया था कि हत्या की रात वह और उनकी पत्नी अलग-अलग कमरों में सोए थे। प्रोफेसर ने यह भी कहा कि अगली सुबह मुख्य दरवाजा बाहर से बंद मिला। उन्होंने बयान दिया कि पत्नी कमरे के अंदर बेहोश मिली थी। पुलिस ने उनके इस बयान पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया। शव को सरकारी अस्पताल ले जाने और पुलिस को सूचना न देने से भी शक गहरा गया।

बेटी के पॉलीग्राफ टेस्ट से आया मोड़

घटना के दिन दंपति की इकलौती बेटी वहां नहीं थी। बेटी के पॉलीग्राफ टेस्ट से पता चला कि हत्या से एक दिन पहले माता-पिता के बीच तीखी बहस हुई थी। सीमा के भाई दीप ने भी बयान दिया था कि पति-पत्नी के बीच झगड़े होते रहते थे। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उन्हें बी.बी. गोयल पर शक है।

जांच की धीमी रफ्तार से नाखुश होकर उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने पुलिस को जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया। जब फॉरेंसिक जांच में कुछ भी अहम नहीं मिला, तो पुलिस ने मनोवैज्ञानिक जांच करने का फैसला किया। पुलिस ने गोयल और उनकी बेटी के पॉलीग्राफ टेस्ट और गोयल के ब्रेन मैपिंग टेस्ट सहित दिमाग पर आधारित जांच का सहारा लिया। पुलिस का कहना है कि ब्रेन मैपिंग में गोयल के दिमाग ने अपराध से जुड़ी जानकारियों को पहचानकर प्रतिक्रिया दी। गिरफ्तारी तक गोयल यूनिवर्सिटी में काम करते रहे। पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें 48 घंटों के अंदर सस्पेंड कर दिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। पुलिस ने कहा कि हत्या का कारण जानने के लिए प्रोफेसर से विस्तार से पूछताछ की जाएगी।

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