देश का एकमात्र ऐसा अनोखा गणेश मंदिर: जहां गणपति जी 2 पत्नी और बच्चों के साथ विराजित, विश्व धरोहर में है शामिल

Published : Sep 03, 2023, 03:30 PM IST
 Ganeshotsav Celebration 2023

सार

इस बार गणेश उत्सव 19 सितंबर, 2023 से शुरू होगा। गणेश उत्सव हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। यह पूरे भारत में मनाया जाता है। इसी मौके पर जानिए राजस्थान के त्रिनेत मंदिर की कहानी जहां गणेश जी दो पत्नियों और बच्चों के साथ विराजमान हैं।

सवाई माधोपुर. राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में रणथंबोर क्षेत्र में स्थित रणथंभौर एक पहाड़ी इलाका है जो बाघों के अभ्यारण के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके साथ ही यह है रणथंबोर में स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर के लिए भी जाना जाता है।‌ त्रिनेत्र गणेश मंदिर रणथंबोर किले में बना हुआ है जो कि विश्व विरासत में शामिल है । यह गणेश मंदिर अरावली और विंध्याचल की पहाड़ियों के बीच में स्थित है । 

देश में यह इकलौती मूर्ति है जहां गणेश अपने परिवार के साथ मौजूद

यह मंदिर इसलिए विशेष है क्योंकि इस गणेश मंदिर में भगवान श्री गणेश के तीन नेत्र हैं और उसके अलावा वह अपनी दोनों पत्नी और दोनों बच्चों के साथ यहां विराजित है। देश में यह इकलौती मूर्ति है जिसमें भगवान गणेश अपने परिवार के साथ मौजूद हैं, इसीलिए यह मंदिर देश ही नहीं दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।

यहां गणेश जी की प्रतिमा खुद प्रकट हुई थीं...

इस गणेश मंदिर को महाराज हम्मीर देव चौहान ने बनवाया था, लेकिन इसके अंदर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने से पहले ही यह प्रतिमा अचानक प्रकट हुई थी और उसके बाद गणेश जी के परिवार को यहां स्थापित किया गया था । गणेश जी के जो तीसरा नेत्र है उसे ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। इस गणेश मंदिर की एक विशेषता और है कि देश में यह उन चार मंदिरों में शामिल हैं जिनमें गणेश जी स्वयंभू यानी खुद प्रकट हुए थे ।

उज्जैन-सीहोर और गुजरात में भी ऐसे ही मंदिर

 इनमें पहला गणेश मंदिर त्रिनेत्र गणेश जी का है । दूसरा गुजरात में सिद्धपुर गणेश मंदिर है । तीसरा उज्जैन में अवंतिका गणेश मंदिर है और चौथा मध्य प्रदेश के सीहोर में सिद्धपुर सीहोर गणेश मंदिर है।‌ माना जाता है कि महाराज विक्रमादित्य जिन्होंने विक्रम संवत गणना की शुरुआत की थी, वह उज्जैन से चलकर प्रत्येक बुधवार को रणथंबोर आते थे । उन्हें ही गणेश जी ने स्वप्न में दर्शन दिए थे और उनके ही आदेशों के बाद सीहोर में सिद्धपुर गणेश मंदिर की स्थापना की गई थी।

बारिश में बंद कर दिया जाता है यह मंदिर

पहाड़ियों के बीच में स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर के अधिकतर हिस्से को बारिश के समय बंद कर दिया जाता है । मंदिर जाने वाली कच्ची पगडंडी ही बारिश के समय खुली रहती है ।‌ उसके अलावा साल के अन्य दोनों मौसम में यह गणेश मंदिर और आसपास का पूरा इलाका खुला रहता है । हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने सवाई माधोपुर से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की है, यानी आने वाले विधानसभा चुनाव की शुरुआत रणथंबोर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर में पूजा पाठ करने के बाद शुरू की गई है । शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेता गणेश मंदिर में पहुंचे थे और वहां अनुष्ठान किया था।

 

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