Kaushambi Mushroom Cultivation: कौशांबी के किसान शिव प्रताप ने यूट्यूब से मशरूम खेती सीखकर कम लागत में लाखों कमाए। सर्दियों में 2 बिस्वा जमीन से 4-5 लाख तक की कमाई कर, उन्होंने खेती में नया रास्ता दिखाया है।
Mushroom farming from YouTube : खेती में जोखिम और लगातार बढ़ती लागत के कारण जहां कई किसान पारंपरिक खेती से मुंह मोड़ रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के एक किसान ने अपनी सूझबूझ से खेती का नया रास्ता अपनाया और सफलता की नई इबारत लिख दी। पारंपरिक खेती की जगह मशरूम की खेती को अपनाकर यह किसान हर सीजन में लाखों की कमाई कर रहा है।
सिराथू तहसील क्षेत्र के चौरा गांव के रहने वाले किसान शिव प्रताप मौर्या ने एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने मशरूम की खेती का तरीका यूट्यूब से सीखा। शुरुआत में संसाधनों की कमी और पारंपरिक खेती की सीमाओं को देखते हुए उन्होंने मशरूम उत्पादन की ओर रुख किया। उन्होंने बताया कि खेती के लिए सबसे पहले भूसा और गोबर को सड़ाकर तैयार किया जाता है। इसके बाद बांस से एक फार्म हाउस तैयार कर प्लास्टिक की लेयर बिछाई जाती है और उसमें मशरूम के बीज डाले जाते हैं।
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शिव प्रताप मौर्या आगे बताते हैं कि उन्होंने सिर्फ 2 बिस्वा जमीन पर यह खेती शुरू की, जिसमें लगभग 1.50 लाख रुपए का खर्च आया। इस लागत में भूसा, गोबर, बीज, दवा और मजदूरों का खर्च शामिल था। एक महीने के भीतर मशरूम पूरी तरह तैयार हो जाता है, जिसे प्रतिदिन तोड़ा जाता है।
किसान ने बताया कि वह मुख्य रूप से सर्दियों में मशरूम की खेती करते हैं, क्योंकि इस दौरान मांग अधिक रहती है और उत्पादन बेहतर होता है। वह लगातार यूट्यूब से नई तकनीकों को सीखते रहते हैं, जिससे उनकी खेती और ज्यादा फायदेमंद होती जा रही है।
शिव प्रताप जैसे किसानों की सफलता यह साबित करती है कि यदि सही तकनीक और सोच के साथ खेती की जाए, तो पारंपरिक खेती के मुकाबले नई पद्धतियां अधिक लाभदायक हो सकती हैं। मशरूम की खेती कम पानी और जगह में अधिक मुनाफा देने वाली फसलों में से एक है, जिसे अपनाकर किसान अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
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