पौष पूर्णिमा से माघ मेला 2026 का शुभारंभ, कल्पवासियों के लिए पहली बार बसाया गया 'प्रयागवाल नगर'

Published : Jan 02, 2026, 07:16 PM IST
Paush Purnima Magh Mela 2026 Prayagraj yogi govt preparation for Kalpwasi

सार

प्रयागराज में पौष पूर्णिमा से माघ मेला शुरू हो रहा है। इस बार 4 लाख से अधिक कल्पवासी संगम तट पर साधना करेंगे। योगी सरकार ने कल्पवासियों के लिए प्रयागवाल नगर, स्वच्छता, सुरक्षा और ठंड से बचाव के विशेष इंतजाम किए हैं।

प्रयागराज। प्रयागराज के संगम तट पर लगने वाला माघ मेला आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ ही माघ मेला क्षेत्र में तप, साधना और संयम की त्रिवेणी प्रवाहित होने लगेगी। इसी के साथ कल्पवास की विधिवत शुरुआत शनिवार से हो रही है।

इस बार कल्पवासियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए योगी सरकार ने उनके लिए विशेष और बेहतर व्यवस्थाएं की हैं। माघ मेला 3 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से शुरू होकर 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) तक चलेगा।

4 लाख से अधिक कल्पवासियों से गंगा तट होगा आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित

संगम तट पर आयोजित माघ मेला धर्म, भक्ति और साधना का अनूठा संगम है। पौष पूर्णिमा के साथ ही यहां ज्ञान, भक्ति और तप की अनेक धाराएं प्रवाहित होने लगती हैं। एक ओर दंडी संन्यासी, रामानंदी आचार्य, मुकामधारी खालसा के संत और चतुष्पीठ के शंकराचार्यों की उपस्थिति होगी, तो दूसरी ओर कल्पवासियों के जप, तप और संयम की साधना से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठेगा।

पूरे एक माह तक गंगा-यमुना की रेत पर तंबुओं में रहकर कठिन सर्दी में साधना करने वाले कल्पवासियों की संख्या इस वर्ष तेजी से बढ़ी है। मेला प्रशासन के अनुसार, इस बार 4 लाख से अधिक कल्पवासी माघ मेले में कल्पवास करेंगे।

पहली बार कल्पवासियों के लिए बसाया गया ‘प्रयागवाल नगर’

कल्पवासी माघ मेले के प्रथम साधक माने जाते हैं और उनके बिना माघ मेले की कल्पना अधूरी है। इसीलिए मेला प्रशासन की प्राथमिकता होती है कि उन्हें सर्वोत्तम सुविधाएं मिलें। एडीएम माघ मेला दयानंद प्रसाद के अनुसार, महाकुंभ 2025 की स्मृतियों और 12 वर्षों बाद कल्पवास करने की परंपरा के कारण इस बार कल्पवासियों की संख्या बढ़ी है। इसे ध्यान में रखते हुए पहली बार 950 बीघा क्षेत्र में ‘प्रयागवाल नगर’ बसाया गया है।

यह नगर नागवासुकी मंदिर के सामने, गंगा नदी के पार विकसित किया गया है। तीर्थ पुरोहितों और मेला प्रशासन के आपसी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा, विभिन्न सेक्टरों में भी कल्पवासियों के लिए तंबुओं की व्यवस्था की गई है, ताकि उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार उन्हें सुविधाजनक स्थान मिल सके।

गंगा तट के पास तंबू, ताकि स्नान में न हो परेशानी

मूल रूप से कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं को गंगा तट के समीप ही बसाया गया है, ताकि उन्हें प्रतिदिन स्नान के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े। बुजुर्ग और असहाय कल्पवासियों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं।

कल्पवासियों के शिविरों में स्वच्छता और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

योगी सरकार माघ मेला क्षेत्र को दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कल्पवासियों के शिविरों में स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन की ओर से कल्पवासियों से अपील की जाएगी कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें। ठंड से बचाव के लिए शिविरों के बाहर अलाव की व्यवस्था की गई है, जिससे शीत लहर से विशेषकर बुजुर्ग कल्पवासियों को राहत मिल सके।

माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान पर्व

  • पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी
  • मकर संक्रांति: 14 जनवरी
  • मौनी अमावस्या: 18 जनवरी
  • बसंत पंचमी: 23 जनवरी
  • माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी
  • महाशिवरात्रि: 15 फरवरी

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

योगी सरकार की पहल से UP में सड़क सुरक्षा अभियानों का असर, चालानों में बड़ी गिरावट
जीरो पावर्टी मिशन: योगी सरकार का उत्तर प्रदेश में गरीबी पर निर्णायक प्रहार