UP GST News: योगी सरकार का बड़ा फोकस, व्यापारियों को सुविधा और कर चोरी पर सख्ती बढ़ेगी

Published : May 25, 2026, 01:29 PM IST
up gst revenue growth

सार

उत्तर प्रदेश में जीएसटी और वैट संग्रह बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग को पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। व्यापारियों को सुविधा, तेज रिफंड और कर चोरी पर सख्त कार्रवाई पर जोर दिया गया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्य कर विभाग को निर्देश दिए हैं कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को बेहतर सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने में राज्य कर विभाग की भूमिका बेहद अहम है। इसलिए विभाग को राजस्व वृद्धि के साथ भरोसे पर आधारित प्रशासनिक मॉडल विकसित करना होगा।

सोमवार को मुख्यमंत्री ने राज्य कर विभाग के शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तर के अधिकारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कर व्यवस्था को अधिक सरल, डिजिटल और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, अपील निस्तारण और रिफंड जैसी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

GST Registration और Tax System को सरल बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि व्यापारियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए और छोटे कारोबारियों को कर संबंधी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने जिला और खंड स्तर तक करदाता सहायता कार्यक्रम चलाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक और डेटा एनालिटिक्स की मदद से कर चोरी पर रोक लगाई जाए, जबकि वैध कारोबार को प्रोत्साहन दिया जाए।

यूपी में GST और VAT से रिकॉर्ड राजस्व संग्रह

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश को जीएसटी और वैट से कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पुनरीक्षित अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत है। जीएसटी संग्रह के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र पहले और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे।

इसके अलावा जीएसटी बकाया के रूप में 2658 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक रही। वहीं वैट बकाया के तहत 800 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो बीते वर्ष से 29 प्रतिशत ज्यादा है। प्रवर्तन इकाइयों के जरिए 2071 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक रही।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बड़ा राजस्व लक्ष्य तय

अधिकारियों ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को कुल 1,98,071 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है। इसमें जीएसटी से 1,49,956 करोड़ रुपये और वैट से 48,115 करोड़ रुपये का लक्ष्य शामिल है। अप्रैल 2026 में प्रदेश ने 10,896 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक रहा।

गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर और वाराणसी जोन का बेहतर प्रदर्शन

जोनवार समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल 2026 में अधिकांश जोनों में राजस्व वृद्धि दर्ज की गई। गौतमबुद्ध नगर जोन ने 1506 करोड़ रुपये के संग्रह के साथ 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की। वहीं सहारनपुर जोन में 35.1 प्रतिशत और वाराणसी प्रथम जोन में 33.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुरादाबाद जोन ने भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने कम प्रदर्शन वाले जोनों को विशेष कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से फील्ड में जाकर व्यापारियों से सीधे संवाद करने को कहा।

फर्जी फर्म और GST Tax Fraud पर सख्त कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री ने कर चोरी और फर्जी फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बोगस फर्मों के खिलाफ 477 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई और 168 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 7 नवंबर 2025 को विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि 180 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक की गई, जबकि न्यायनिर्णयन कार्रवाई के जरिए 2250 करोड़ रुपये की मांग बनाई गई।

लंबित GST और VAT अपीलों के जल्द निस्तारण के निर्देश

समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में जीएसटी की 52,432 और वैट की 11,365 अपीलों समेत कुल 63,797 मामलों का निस्तारण किया गया। फिलहाल जीएसटी की 18,504 और वैट की 2,193 अपीलें लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित अपीलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

उत्तर प्रदेश बना सबसे ज्यादा GST Taxpayers वाला राज्य

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 21.82 लाख सक्रिय करदाता हैं, जिसके साथ प्रदेश देश में सबसे ज्यादा जीएसटी करदाताओं वाला राज्य बन गया है। प्रदेश में जीएसटी पंजीकरण आवेदन के निस्तारण की औसत अवधि केवल 8 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है। यहां 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन की व्यवस्था लागू है। रिटर्न दाखिल करने के मामले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत से आगे है। निर्धारित तिथि तक 90 प्रतिशत से अधिक करदाता रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। प्रदेश में औसत मासिक रिटर्न फाइलिंग प्रतिशत 93 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 91 प्रतिशत है। बीते महीनों के 99 प्रतिशत से अधिक रिटर्न दाखिल कराए जा चुके हैं।

GST Refund और AI Based Tax Monitoring पर फोकस

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जीएसटी रिफंड मामलों के निस्तारण की औसत अवधि 27 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 48 दिन है। मुख्यमंत्री ने रिफंड प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश दिए ताकि व्यापारियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो।

तकनीक आधारित कर प्रशासन पर अधिकारियों ने बताया कि 16 पैरामीटर तय कर 1.59 लाख वार्षिक रिटर्न में मिसमैच डेटा पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एकीकृत नोटिस जारी करने के लिए नया मॉड्यूल विकसित किया गया है। वर्ष 2025-26 में 1.33 लाख डीलरों की स्क्रूटनी के दौरान 2369 करोड़ रुपये की मांग बनाई गई और 345 करोड़ रुपये जमा कराए गए। 22 कॉर्पोरेट सर्किलों में वर्चुअल सुनवाई की सुविधा भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेटा आधारित निगरानी और एआई आधारित विश्लेषण से कर प्रशासन अधिक प्रभावी बनेगा और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण संभव होगा।

व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम होंगे और व्यापक

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रमों को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि सभी 75 जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग और जीएसटी 2.0 सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यापारियों को रिटर्न दाखिले का प्रशिक्षण भी दिया गया और सभी जिलों में व्यापार बंधु की बैठकें आयोजित की गईं। जून 2026 से खंड स्तर पर संवाद कार्यक्रम शुरू करने की योजना तैयार की गई है।

विभिन्न व्यापारिक संगठनों और विभागों से समन्वय बढ़ा

बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर विभिन्न बिजनेस सेक्टरों, व्यापारी संगठनों और अधिवक्ता संघों के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है। इसके अलावा सीजीएसटी, डीजीजीआई, रेलवे और अन्य विभागों के साथ भी समन्वय बढ़ाया गया है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सर्राफा कारोबारियों के साथ भी राज्य और जिला स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

यूपी में भीषण गर्मी से हाहाकार: CM योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश के साथ महिलाओं से की एक अपील
हापुड़ में 31 लाख का ‘शाही भैंसा’, रोज पीता है 10 किलो दूध, खाता है ड्राई फ्रूट- WATCH