
जेवर। आठ वर्षों की लगातार मेहनत, बेहतर समन्वय, निगरानी और समीक्षा के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) अब पूरी तरह हकीकत बन चुका है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिलने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फेज-1 के उद्घाटन के बाद यह एयरपोर्ट संचालन के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस परियोजना की सफलता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट सोच, कुशल नेतृत्व और नियमित समीक्षा की अहम भूमिका रही है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव साल 2017 में रखी गई। जुलाई 2017 में साइट क्लीयरेंस और अक्टूबर में गृह मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद जेवर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद 2018 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) का गठन किया गया, जिससे प्रोजेक्ट को एक मजबूत ढांचा मिला। साल 2020 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को कंसेशनायर चुना गया और उनके साथ समझौता किया गया।
अगस्त 2021 में फाइनेंशियल क्लोजर और मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद अक्टूबर 2021 में ‘अपॉइंटेड डेट’ घोषित की गई, जिससे निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। मार्च 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर बनाया गया।
2022 से 2024 के बीच सभी प्रमुख काम समय पर पूरे किए गए, जो बेहतर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट को दर्शाता है। अक्टूबर 2025 में सफल कैलिब्रेशन फ्लाइट हुई और मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया। इसके साथ ही एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो गया।
इस मेगा प्रोजेक्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय भागीदारी हर स्तर पर देखने को मिली। भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण, एनओसी और विभागों के बीच तालमेल तक, उन्होंने लगातार समीक्षा और मार्गदर्शन दिया। उन्होंने इस एयरपोर्ट को सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है। यह परियोजना लाखों रोजगार के अवसर पैदा करेगी और निवेश, उद्योग, निर्यात, लॉजिस्टिक्स व पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के चलते उत्तर प्रदेश अब वैश्विक कनेक्टिविटी और आर्थिक मजबूती के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। आठ साल का यह सफर अब राज्य के लिए नई उड़ान की शुरुआत साबित हो रहा है।
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