विकसित UP-2047: योगी सरकार ने रखा औद्योगिक विकास का रोडमैप, विशेषज्ञों ने बताए बड़े अवसर

Published : Nov 27, 2025, 12:34 PM IST
viksit UP 2047 Yogi Government industrial future roadmap

सार

योगी सरकार ने 'विकसित यूपी-2047' के लिए उद्योग, निवेश, MSME, टेक्सटाइल और अवसंरचना से जुड़े विशेषज्ञों के साथ औद्योगिक भविष्य पर चर्चा की। सम्मेलन में निवेश आकर्षण, विनिर्माण विस्तार, रेलवे-विमानन संभावनाओं और डिजिटल सुधारों को बढ़ाने पर जोर दिया।

लखनऊ। योगी सरकार 'विकसित उत्तर प्रदेश-2047' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विशेषज्ञों की राय पर आधारित भविष्य की नीतियों का खाका तैयार कर रही है। बुधवार को आयोजित “शेपिंग उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल फ्यूचर: स्ट्रेटेजीज फॉर विकसित भारत-2047” वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंस में उद्योग, निवेश, एमएसएमई, खादी, अवसंरचना और नीति नियोजन से जुड़े अधिकारियों ने राज्य की औद्योगिक प्रगति और भविष्य की जरूरतों पर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में यह स्पष्ट संदेश उभरा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से निवेशकों का भरोसेमंद गंतव्य बन रहा है और आगामी 25 वर्षों का औद्योगिक रोडमैप राज्य को देश की अग्रणी आर्थिक शक्ति बना सकता है।

निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक भूमि आवंटन पर जोर

राज्य परिवर्तन आयोग के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने औद्योगिक भूमि आवंटन की बेहतर प्रक्रिया, निवेश परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और कौशल विकास को ‘विकसित यूपी-2047’ का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि नीति सुधारों, औद्योगिक पार्कों और नवाचार आधारित इकोसिस्टम ने विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि को मजबूत किया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार ने निवेश प्रक्रियाओं को और सरल बना दिया है।

मजबूत वित्तीय स्थिति से बढ़ रहा है निवेश का भरोसा

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राज्य की वित्तीय स्थिरता, बढ़ता पूंजीगत व्यय और विशाल युवा कार्यबल इसे निवेश के लिए बेहद अनुकूल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीतियां और उद्योग-अनुकूल वातावरण यूपी को वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

समावेशी है ‘विकसित यूपी-2047’ का विजन

एमएसएमई एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ का विजन डॉक्यूमेंट पूरी तरह समावेशी है। इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स की आकांक्षाएं शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि जहां औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं सेवा क्षेत्र को भी अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने वैश्विक रुझानों को ध्यान में रखते हुए सामूहिक प्रयासों की अपील की।

12 प्रमुख क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है प्रदेश

प्रमुख सचिव (नियोजन) आलोक कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, नागरिक उड्डयन, एमएसएमई, ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे 12 प्रमुख क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में विनिर्माण क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी। इसके लिए औद्योगिक पार्कों और नवाचार-आधारित इकोसिस्टम को विस्तार दिया जा रहा है, जिससे यूपी भारत की विकास यात्रा में प्रमुख ग्रोथ इंजन बन सके।

रेलवे और विमानन क्षेत्र में अपार संभावनाएं

नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव राजीव ठाकुर ने कहा कि रेलवे क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के लिए विशाल संभावनाएं हैं। रणनीतिक निवेश और योजना के साथ यह क्षेत्र औद्योगिक विकास को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते एयरपोर्ट नेटवर्क से निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। सड़क, रेल, विमानन, लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक परिवहन में अल्पकालिक से दीर्घकालिक लक्ष्यों का निर्धारण राज्य के औद्योगिक भविष्य को मजबूत करेगा।

खादी व टेक्सटाइल क्षेत्र में यूपी की मजबूत स्थिति

वस्त्र, खादी और हथकरघा विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 536 खादी समितियां सक्रिय हैं, जो इसकी आर्थिक प्रासंगिकता को दर्शाती हैं। महिला बुनकरों की बड़ी संख्या इसे सामाजिक रूप से भी मजबूत बनाती है। उत्तर प्रदेश दरी और कालीन उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है और कच्चे माल की बेहतर उपलब्धता के कारण खादी उत्पादन को और बढ़ाया जा सकता है।

एफडीआई, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और विनिर्माण में तेजी

नीति आयोग के कार्यक्रम निदेशक इश्तियाक अहमद ने कहा कि यूपी की आर्थिक प्रगति सकारात्मक दिशा में है, लेकिन विकसित भारत-2047 के लिए विनिर्माण विस्तार बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारत में 55% मोबाइल फोन उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात लगातार बढ़ रहा है। एफडीआई से जुड़ी चुनौतियां राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं से जुड़ी हैं, जिनके लिए केंद्र और राज्य दोनों को मिलकर समाधान ढूंढना होगा।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में मददगार है निवेश मित्र 3.0

इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने निवेश मित्र 3.0 को एक बड़ा डिजिटल सुधार बताया। एआई आधारित गाइडेंस, अपडेटेड उपविधियां और एकीकृत निवेश सेवाओं ने यूपी को भविष्य के औद्योगिक इकोसिस्टम की ओर बढ़ाया है। पूरी तरह ऑनलाइन अनुमतियों और प्रक्रियाओं के कारण उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में शीर्ष स्थान की ओर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में फिक्की, सीआईआई, एसोचैम, लघु उद्योग भारती और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए।

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