UP Transformed in 9 Years: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नौ वर्षों में सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों के लिए सुधार हुए। प्रदेश की गुंडागर्दी की छवि बदलकर अब यूपी देश में विकास और विश्वास की नई मिसाल बन गया है।
उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में विकास और सुशासन की दिशा में अभूतपूर्व बदलाव देखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने अपनी पहचान को गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार से बदलकर बेहतर कानून व्यवस्था, सड़कों, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए मानक स्थापित किए हैं।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2017 से पहले यूपी की तस्वीर भयावह थी। तब प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा चुकी थी, निवेशक आने से कतराते थे और समाज के हर वर्ग के साथ अन्याय होता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल गई है। जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति को समझ चुकी है और भ्रम फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
"वर्ष 2017 में भाजपा और उसके सहयोगियों ने 325 सीटें जीतकर जो इतिहास रचा था, उसे 2027 में और बड़े बहुमत के साथ दोहराया जाएगा। 2047 तक उत्तर प्रदेश एक विकसित प्रदेश के रूप में देश में अग्रणी रहेगा," – केशव प्रसाद मौर्य
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किसान और गरीबों तक पहुंचा विकास
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों को 99 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में दिए गए। वहीं मुख्यमंत्री राहत कोष से भी हजारों जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता मिली। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाकर भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद पर रोक लगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में गरीब कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 15 करोड़ लोग मुफ्त राशन की सुविधा ले रहे हैं। मुसहर, वनटांगिया, थारू, सहरिया और बुक्सा जैसे वंचित और जनजातीय समुदायों तक अब बिजली, पानी, आवास और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं।
"हमने प्रदेश को जातीय और क्षेत्रीय चश्मे से नहीं देखा। 25 करोड़ जनता ही हमारा परिवार है और उसी भावना से सभी तक विकास और खुशहाली पहुंचाई गई," – सीएम योगी
शिक्षा और स्वास्थ्य में बदलाव
ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही थी। कॉलेजों में नकल माफिया सक्रिय थे और कई जगह बिजली व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं।
आज उत्तर प्रदेश में:
- 81 नए मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं, एमबीबीएस सीटें ढाई गुना बढ़ी हैं।
- बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में सुधार हुआ, बच्चों की संख्या बढ़ी।
- हर जिले में मेडिकल और स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से बढ़ी हैं।
- इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर नियंत्रण और वेक्टर बॉर्न डिजीज के खिलाफ ठोस कार्रवाई हुई।
- लगभग 6 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए गए और आरोग्य मेले नियमित रूप से हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने व्यापक पौधरोपण अभियान और ग्रीन कवर बढ़ाकर पर्यावरण संतुलन मजबूत किया है। आज उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में से एक बन चुका है, जो स्वास्थ्य, पर्यावरण और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है।
विपक्ष पर सीधा हमला
सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और अव्यवस्था से जूझ रहा था। युवाओं का भविष्य दांव पर था और जाति आधारित राजनीति ने प्रदेश को पीछे धकेला।
आज डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को “बॉटलनेक” स्थिति से निकालकर ब्रेकथ्रू की दिशा में आगे बढ़ाया है। सरकार ने 25 करोड़ जनता को एक परिवार मानकर योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाया।
"जो लोग पहले भगवान राम और भारतीय परंपराओं को अंधविश्वास कहते थे, आज वही अयोध्या और काशी के विकास को देख रहे हैं। आस्था और विकास को एक साथ लेकर ही यूपी की नई पहचान बनी है।" – सीएम योगी
पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने न केवल विकास और सुशासन में कदम बढ़ाए, बल्कि सामाजिक समरसता, गरीब कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम की। आज उत्तर प्रदेश अपने सड़कों, निवेश, मेडिकल कॉलेजों, योजना लाभ और पर्यावरण सुधार के माध्यम से देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है।
उत्तर प्रदेश की यह कहानी बताती है कि लगातार प्रयास, पारदर्शिता और जनता के विश्वास के साथ किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
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