बंगाल में गरजे सीएम योगी आदित्यनाथ, बोले- 'सड़कों पर इफ्तारी की चिंता में ममता दीदी ने किया CAA का विरोध'

Published : Apr 25, 2026, 08:57 PM IST
West Bengal Election 2026

सार

CM Yogi Adityanath Bengal Speech: पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी को आड़े हाथों लिया। टीएमसी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'सड़कों पर इफ्तारी की चिंता में ममता दीदी ने CAA का विरोध किया।' यूपी मॉडल के जरिए मुख्यमंत्री योगी ने टीएमसी के गुंडाराज को खत्म करने की चेतावनी दी। पूरा भाषण यहां पढ़ें… 

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल की चुनावी तपिश के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने बंगाल की जमीन से दो-टूक शब्दों में कहा कि ममता दीदी ने CAA का विरोध सिर्फ इसलिए किया था, क्योंकि उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि अगर हिंदू ज्यादा हो गए तो भविष्य में सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी। सीएम योगी ने साफ कहा कि टीएमसी का लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है और पहले चरण के मतदान के दौरान पूरी दुनिया ने उनकी गुंडागर्दी का नजारा देखा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 4 मई को जब चुनाव परिणाम आएंगे, तो टीएमसी के गुंडों को छिपने के लिए जगह भी नसीब नहीं होगी। बंगाल में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने की आहट से ये अपराधी अब वैकल्पिक काम-धंधों की तलाश में जुट गए हैं। कोई पंचर की दुकान खोलने की योजना बना रहा है तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर अपनी जान बचाने की जुगत में है, लेकिन हमलावर चाहे जहां भी छिप जाएं, हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे।

सीएम योगी की जनसभाओं में उमड़ा जनसैलाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नबद्वीप विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार श्रुति शेखर गोस्वामी, कटवा से प्रत्याशी कृष्ण घोष और बागदा से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में विशाल जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। बंगाल की भीषण गर्मी में भी मुख्यमंत्री के प्रति लोगों के लगाव में कोई कमी नहीं दिखी और हजारों की भीड़ लगातार ‘योगी-योगी’ के नारे लगाती रही। इस स्नेह के लिए मतदाताओं का आभार जताते हुए सीएम ने कहा कि बंगाल अब और अराजकता स्वीकार नहीं करेगा। कांग्रेस, कम्युनिस्टों और टीएमसी ने मिलकर बंगाल के माथे पर लूटपाट का जो कलंक लगाया है, उसे अब पूरी तरह से मिटाने का समय आ चुका है। बंगाल की जनता ने अब डबल इंजन की सरकार लाने का पक्का मन बना लिया है जो राज्य में डबल स्पीड से विकास कार्य करेगी। टीएमसी के गुंडों से पुराना हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में भाजपा की सरकार आना अत्यंत आवश्यक है।

4 मई का संकल्प, हर ओर लहराएगा केसरिया झंडा- योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी ने पहले चरण की 152 सीटों पर हुए रिकॉर्ड मतदान के लिए बंगाल के मतदाताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान हर नागरिक के मन में यह भाव स्पष्ट था कि बंगाल को टेरर, माफियाराज और करप्शन से पूरी तरह मुक्ति दिलानी है। जनता चाहती है कि बंगाल को फिर से भारत की गौरवशाली पहचान का प्रतीक बनाया जाए और इसके लिए भाजपा की डबल इंजन सरकार की जरूरत है। मतदान दिवस के दौरान जो नजारे देखने को मिले, वे साफ इशारा कर रहे थे कि 4 मई को जब परिणामों की घोषणा होगी, तो बंगाल के हर कोने में केसरिया झंडा लहराता हुआ दिखाई देगा। मतदाताओं का यह उत्साह टीएमसी के कुशासन के अंत की घोषणा कर रहा है।

टीएमसी शासन में बंगाल की पहचान पर गहराया संकट- सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने बंगाल की सांस्कृतिक महानता का जिक्र करते हुए कहा कि 500 वर्ष पूर्व चैतन्य महाप्रभु ने 'हरे कृष्णा, हरे रामा' की मधुर धुन के माध्यम से पूरी दुनिया को आकर्षित किया था और सनातन ध्वज को वैश्विक पटल पर स्थापित किया था। आज वही महान कार्य इस्कॉन के संन्यासी कर रहे हैं। यह भूमि भारत की आध्यात्मिक विरासत, त्याग, साहस और स्वाभिमान की माटी है। बंगाल की इस धरा ने देश के अध्यात्म, देशभक्ति, कला और साहित्य को महत्वपूर्ण नेतृत्व दिया है। जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ माना जाता था, आज वही बंगाल टीएमसी के शासन में अपनी पहचान खोने की कगार पर है। यहाँ के उद्योग-धंधे लगातार बंद हो रहे हैं, किसानों को उनकी मेहनत का दाम नहीं मिल रहा, युवाओं के पास रोजगार नहीं है और सरकारी कर्मचारी अपने पूरे वेतन के लिए तरस रहे हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी चिंताजनक है कि भाजपा कार्यकर्ता संजय भौमिक की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। बंगाल में इस वक्त लैंड, सैंड और कैटल माफिया पूरी तरह हावी हैं। प्रधानमंत्री मोदी विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, उसे टीएमसी के गुंडे हड़प जाते हैं। लेकिन अब बंगाल की जनता जाग गई है और यहाँ कटमनी और अराजकता का खेल समाप्त होने वाला है।

सीएए का विरोध और तुष्टिकरण की राजनीति

सीएम योगी ने मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल के हक पर घुसपैठियों से डकैती डलवाने वाली टीएमसी सरकार से अब मुक्ति पाने का समय आ गया है। टीएमसी हर उस काम का विरोध करती है जो भारत और बंगाल के हित में होता है। जब प्रधानमंत्री ने संसद में सीएए का प्रस्ताव पेश किया, तो टीएमसी ने उसका पुरजोर विरोध किया। जबकि यह कानून गारंटी देता है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख, जो पांच साल से भारत में रह रहे हैं, उन्हें यहाँ की नागरिकता दी जाएगी। इस एक्ट के माध्यम से बंगाल में कई लोगों को नागरिकता मिली, लेकिन ममता दीदी को यह बुरा लगता है क्योंकि उन्हें हिंदुओं के बढ़ने और सड़कों पर इफ्तारी रुकने की चिंता है। योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यूपी में अब कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता और न ही इफ्तार पार्टी कर सकता है, वहां तो अब मस्जिदों से आवाज भी बाहर नहीं आती।

मतुआ समुदाय और विस्थापितों को मिला सम्मान

मतुआ समुदाय का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इस समुदाय के लोग भारी संख्या में यहाँ रहते हैं जो 1947 और 1971 के दौरान विस्थापित होकर भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट और टीएमसी कभी नहीं चाहते थे कि इन्हें नागरिकता मिले, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के कारण आज मतुआ समुदाय गर्व के साथ भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि उन्होंने स्वयं 12 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को नागरिकता और जमीन के मालिकाना हक के प्रमाण पत्र वितरित किए हैं। उत्तर प्रदेश के चार जनपदों में मतुआ समुदाय और बंगाली परिवार रहते हैं, जिन्हें सीएए के कारण अब उनका अधिकार दिया जा रहा है। यह सब केवल इसलिए संभव हो पाया क्योंकि पीएम मोदी ने उनके दर्द को समझा, जबकि विपक्षी दलों के पास ऐसी कोई सोच नहीं थी।

उत्तर प्रदेश का बदलाव और विकास का मॉडल

मुख्यमंत्री ने यूपी और बंगाल की तुलना करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति बंगाल से भी ज्यादा खराब थी। वहां त्योहारों पर डर का माहौल रहता था, किसान आत्महत्या करते थे और दंगे-कर्फ्यू आम बात थी। रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं, लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद सब कुछ बदल गया। अब यूपी में उपद्रव नहीं बल्कि उत्सव का माहौल रहता है और वहां न कर्फ्यू है न अराजकता। कांग्रेस और सपा ने जिन माफियाओं को पाला था, उनकी हड्डी-पसली बुलडोजर ने कुचल दी है। आज यूपी देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य है और वहां सड़कों पर कोई अव्यवस्था नहीं फैला सकता। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और काशी अपनी नई दिव्यता के साथ तैयार है, जबकि विपक्षी दल हमेशा इन कार्यों का विरोध करते रहे।

रोजगार के मोर्चे पर बंगाल बनाम उत्तर प्रदेश

योगी आदित्यनाथ ने रोजगार के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने यूपी में लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जिनमें बेटियों की संख्या काफी बड़ी है। इसके अलावा 60 लाख युवाओं को बड़े उद्योगों में और 3 करोड़ से ज्यादा युवाओं को एमएसएमई यूनिट्स के माध्यम से रोजगार से जोड़ा गया है। इसके विपरीत, बंगाल में टीएमसी के शासन के दौरान 30 लाख युवा बेरोजगार हो गए और उद्योग-धंधे बंद हो गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां माफिया और भ्रष्टाचार का माहौल होता है, वहां कभी विकास नहीं हो सकता और न ही कोई नया उद्योग स्थापित हो सकता है।

सनातन आस्था और 'खेला शेष' का संकल्प

आस्था के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि ममता दीदी बंगाल में दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन और हिंदुओं का विरोध करती हैं। जय श्रीराम बोलने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। कोलकाता हाईकोर्ट को भी आदेश देना पड़ा कि दुर्गापूजा की शोभायात्रा पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्ती हो, लेकिन टीएमसी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। योगी ने स्पष्ट किया कि बंगाल की धरा पर मां काली और मां दुर्गा की पूजा को कोई नहीं रोक सकता और ऐसा करने वालों के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन होगा। उन्होंने संकल्प लिया कि बंगाल की माटी पर न गोमाता को कटने देंगे और न ही हिंदुओं को बंटने देंगे। ममता दीदी के ‘खेला होबे’ के जवाब में उन्होंने नारा दिया-‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’ यानी अब खेल खत्म और विकास की शुरुआत होगी।

 

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

UP News: योगी सरकार सख्त, वाराणसी में ट्रिपिंग खत्म, 24×7 बिजली वैन और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
UP News: गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन के लिए तैयार, 594 किमी प्रोजेक्ट से यूपी को मिलेगा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट