
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में यूपी सरकार ने राज्य के 600 सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आधुनिक Dream Labs बनाने का फैसला किया है। इसके लिए समग्र शिक्षा (माध्यमिक), माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश और Nelco Limited (टाटा एंटरप्राइजेज) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। यह समझौता लखनऊ स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में किया गया। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा और महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी मौजूद रहीं।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य में निवेश है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए छात्रों को Industry 4.0 से जुड़ी स्किल्स सिखाना बहुत जरूरी हो गया है। ड्रीम लैब्स बच्चों को सामान्य पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल और रोजगार से जुड़ी ट्रेनिंग भी देंगे।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि यह पहल व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा देने वाली है। उन्होंने हब और स्पोक मॉडल को सही तरीके से लागू करने, अच्छी मशीनरी लगाने, प्रशिक्षकों की गुणवत्ता बनाए रखने और छात्रों की नियमित भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की मजबूत शुरुआत जितनी जरूरी होती है, उतना ही जरूरी उसका सफल तरीके से पूरा होना भी है। खास तौर पर आकांक्षी जिलों में इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 600 स्कूलों को शामिल किया गया है। इनमें 150 हब स्कूल और 450 स्पोक स्कूल होंगे। पहले चरण में 18 हब और 54 स्पोक स्कूल यानी कुल 72 स्कूलों में ड्रीम लैब्स बनेंगी। दूसरे चरण में 36 हब और 108 स्पोक स्कूल यानी कुल 144 स्कूल शामिल होंगे। वहीं तीसरे चरण में 96 हब और 288 स्पोक स्कूल यानी कुल 384 स्कूलों में लैब्स स्थापित की जाएंगी।
इन ड्रीम लैब्स को आधुनिक इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में तैयार किया जाएगा। यहां कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 3D प्रिंटिंग, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डिजाइन थिंकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
यह योजना नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 (National Education Policy 2020), NSQF और स्किल इंडिया मिशन के अनुसार तैयार की गई है। इसका मकसद छात्रों में नई सोच, समस्या सुलझाने की क्षमता, तकनीकी समझ और उद्यमिता कौशल विकसित करना है ताकि वे भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकें।
पांच साल के साझेदारी मॉडल पर चलने वाली इस परियोजना में Nelco Limited के नेतृत्व में औद्योगिक समूह आधुनिक मशीनें, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर और रखरखाव की सुविधा देंगे। साथ ही इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स छात्रों को ट्रेनिंग देंगे और शिक्षकों को भी नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि यह मॉडल लंबे समय तक सफल और आत्मनिर्भर बन सके।
इस कार्यक्रम में Yaskawa, Mastercam, 3D Systems, AjnaLens और Ace Micromatic जैसी कई वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने इस पहल को शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत कड़ी बताया। उनका कहना है कि Dream Labs छात्रों को वास्तविक इंडस्ट्री जैसा अनुभव देंगी और उन्हें रोजगार तथा उद्यमिता के बेहतर अवसरों से जोड़ेंगी।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को कुशल, आत्मनिर्भर और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में प्रदेश के स्कूलों से नई पीढ़ी के तकनीकी विशेषज्ञ, इनोवेटर और उद्यमी तैयार होंगे। कार्यक्रम में अपर निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) सुरेंद्र कुमार तिवारी और अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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