प्रयागराज में दुर्लभ इंडियन स्कीमर! महाकुंभ के बाद गंगा किनारे बसेरा!

Published : Mar 10, 2025, 01:46 PM IST
Bird

सार

महाकुंभ के बाद प्रयागराज में दुर्लभ इंडियन स्कीमर पक्षी पहुंचे। 150 जोड़ों ने गंगा किनारे बसेरा बनाया, सुरक्षा के लिए वाचर तैनात। इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना।

लखनऊ / प्रयागराज, 09 मार्च: महाकुम्भ मेले में रिकॉर्डतोड़ 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन के बाद अब गंगा की रेती पर दुर्लभ प्रजाति के नन्हे इंडियन स्कीमर के वेलकम की तैयारी शुरू हो गई है। महाकुम्भ की शुरुआत में 150 जोड़े इंडियन स्कीमर के पहुंचे, जो दिसंबर से लेकर फरवरी अंत या मार्च की शुरुआत तक अंडे देते हैं। अब 150 जोड़ों के साथ ही इन दुर्लभ प्रजाति के नन्हे इंडियन स्कीमर को जंगली जानवरों से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर वाचर तैनात कर दिए गए हैं। इसी के साथ वाइल्डलाइफ की टीम भी अलर्ट कर दी गई है। दुनिया के इस सबसे बड़े मेले में 90 से अधिक प्रजातियों के देशी और विदेशी पक्षी पहुंचे हैं। प्रदूषण को रोकने में भी यह काफी कारगर साबित होते हैं। महाकुम्भ में इन्हें देखने देश विदेश से लोग जुड़ते हैं। इसी के मद्देनजर यहां बर्ड फेस्टिवल का भी आयोजन किया गया है। इसी के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

इंडियन स्कीमर के 150 जोड़ों ने संगम की रेती को बनाया आशियाना डीएफओ प्रयागराज अरविंद कुमार यादव ने बताया कि महाकुम्भ के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के साथ-साथ इंडियन स्कीमर के 150 से अधिक जोड़े संगम क्षेत्र में पहुंचे हैं। यहां वे प्राकृतिक वातावरण में घुल-मिल गए। ये पक्षी जंगली जानवरों से अपने अंडे को बचाने के लिए संगम की रेती में छुपा देते हैं। जिन्हें बचाने और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार की तरफ से भी कई तरह के इंतजाम किए गए हैं। दुर्लभ प्रजाति के अंडों और नन्हे पक्षियों को जंगली जानवरों और अन्य खतरों से बचाने के लिए बड़ी संख्या में वाचर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा वाइल्डलाइफ की टीम को भी लगाया गया है। जो पक्षियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी गणना का भी काम कर रहे हैं। वन्यजीव सुरक्षा को लेकर वाइल्डलाइफ की टीम लगातार गश्त कर रही है। ताकि पक्षियों और उनके अंडों को किसी भी तरह के खतरे से बचाया जा सके।

इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना महाकुम्भ के दौरान पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। जिससे स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिल रहा है। दुनिया के इस सबसे बड़े मेले में 90 से अधिक देशी और विदेशी प्रजातियों के पक्षी पहुंचे हैं। जो इस क्षेत्र की जैव विविधता को समृद्ध बना रहे हैं।

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

मेरठ की जहरीली बीवी!, आधी रात को बिस्तर पर लेकर आई सांप, फिर जो हुआ वो खतरनाक था
Weather Forecast 18 July 2026: दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों का मौसम, कहीं बारिश-तूफान तो कहीं उमस, जानिए आपके शहर का हाल