खिलाड़ियों के खाने में कैलोरी का होगा हिसाब, जानिए क्यों उठाया गया ये कदम?

Published : Feb 01, 2025, 10:24 AM IST
food arrangment

सार

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में खिलाड़ियों के खाने के साथ कैलोरी और प्रोटीन की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है। पहाड़ी व्यंजन और मिलेट्स भी मेनू का हिस्सा हैं, जिन्हें खिलाड़ी पसंद कर रहे हैं।

देहरादून, 31 जनवरी। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स काॅलेज परिसर में खिलाड़ियों के खाने की टेबल पर हर आइटम के सामने उसका नाम तो है ही, कैलोरी-प्रोटीन का हिसाब भी डिस्पले किया जा रहा है। जैसे-साग चना, कैलोरी 140 से लेकर 160 ग्राम। प्रोटीन-आठ से दस ग्राम। यह मात्रा प्रति सौ ग्राम के हिसाब से निर्धारित की गई है। इसका मकसद एक ही है। खिलाड़ी खाना खाते हुए अपनी फिटनेस का भी ध्यान रखें। खाने के काउंटर पर अरूणाचल की वुशु टीम की खिलाड़ी ग्यामर कामा से जब खाने की गुणवत्ता पर बात की गई, तो उनकी प्रतिक्रिया सकारात्मक थी। ग्यामर कामा का कहना है-खाने में प्रोटीन-कैलोरी की मात्रा डिस्पले करना अच्छा कदम है। इन स्थितियों के बीच, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स काॅलेज परिसर मेें खाना बनाने के लिए दो किचन तैयार की गई हैं। ज्यादातर खाना यहीं पर बन रहा है।

 परेड ग्राउंड भी यहीं से खाना बनाकर भेजा जा रहा है। वहां पर खेल की स्पर्धाएं अलग से आयोजित की जा रही हैं। खिलाड़ियों को परेड ग्राउंड में भी गरम खाना मिले, इसलिए वहां खेल स्थल पर सेटेलाइट किचन बनाया गया है। कैटरिंग की व्यवस्था देख रहे अवधेश ढौंडियाल के अनुसार-खिलाड़ियों को निर्धारित डाइट प्लान के अनुरूप ताजा भोजन दिया जा रहा है। इसके अलावा खाने में तेज मसालों का प्रयोग कम से कम किया जा रहा है। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स काॅलेज और परेड ग्राउंड में खाने के लिए कुल 18 प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां पर खिलाड़ियों, स्टाॅफ, अफसर, मीडिया के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है।

पहाड़ी व्यंजन, मिलेट्स किए जा रहे पसंद -राष्ट्रीय खेलों के दौरान पहाड़ी व्यंजन, मिलेट्स का भी प्रमोशन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद इसकी ब्रांडिंग करते रहे हैं। इसे खिलाड़ी पसंद भी कर रहे हैं। खिलाड़ियों को खाने में झंगोरा राइस, बाड़ी, आलू के गुटके और गहथ, उड़द की मिक्स दाल भी परोसी जा रही है। उड़ीसा की रग्बी की टीम के खिलाड़ी गणेश का कहना है कि खाने में मिलेट्स भरपूर मात्रा में मिल रहा है। यह अच्छा प्रयास है।

PREV

उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।

Recommended Stories

Uttarakhand Horror: सवर्ण लड़की से दोस्ती की सज़ा मौत, दलित लड़के के नाखून उखाड़े-पैरों में ठोंक दी कीलें
Uttarakhand News: धामी सरकार का नया मिशन, अब हर घर पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी