
देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले के हरिपुर, कालसी में मां यमुना के तट पर तैयार किए गए 'माँ यमुना जी स्नान घाट' का 17 सितंबर 2026 को लोकार्पण किया जाएगा। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से निर्मित इस घाट पर करीब 752 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 17 सितंबर को शाम 5 बजे हरिपुर, कालसी में आयोजित कार्यक्रम में इस निर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अनुसार मां यमुना जी स्नान घाट का लोकार्पण 17 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन हरिपुर, कालसी, देहरादून में होगा। यह परियोजना यमुना तट पर श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित स्नान और धार्मिक गतिविधियों के लिए सुविधाजनक स्थान तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हरिपुर में निर्मित माँ यमुना जी स्नान घाट को तैयार करने में ₹752 लाख की लागत आई है। परियोजना का निर्माण मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से कराया गया है। हरिपुर क्षेत्र में यमुना तट को विकसित करने की योजना लंबे समय से चल रही थी। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर में यमुना घाट के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। उस समय उन्होंने हरिपुर क्षेत्र की धार्मिक पहचान को फिर से स्थापित करने और इसे प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही थी। अब घाट का निर्माण पूरा होने के बाद इसके लोकार्पण की तैयारी है।
हरिपुर, कालसी को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार यहां यमुना, टौंस, अमलावा और नौरा नदियों का संगम भी क्षेत्र की खास पहचान है। स्थानीय परंपराओं में हरिपुर को धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े स्थल के रूप में देखा जाता है। राज्य सरकार की योजना हरिपुर क्षेत्र को विकसित कर इसे धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के तौर पर आगे बढ़ाने की है। मुख्यमंत्री धामी ने 2023 में भी हरिपुर के यमुना तट को विकसित कर नए तीर्थ स्थल के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही थी।
हरिपुर में यमुना तट के विकास से जुड़ी गतिविधियां सिर्फ घाट निर्माण तक सीमित नहीं हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक यहां मां यमुना की 21 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की गई है। 17 सितंबर को प्रतिमा के अनावरण और घाटों के लोकार्पण को लेकर भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके अलावा क्षेत्र में यमुना कृष्ण धाम से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे हरिपुर को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना का व्यापक स्वरूप सामने आता है।
हरिपुर क्षेत्र को लेकर सरकार की ओर से पहले भी कहा गया है कि यहां की पुरानी धार्मिक पहचान को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वर्ष 2023 में घाट के शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने हरिपुर को एक बड़े तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही थी। अब नए स्नान घाट के तैयार होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए यमुना तट पर व्यवस्थित धार्मिक गतिविधियों का एक नया केंद्र उपलब्ध होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन और स्थानीय गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
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