
देहरादून। ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को देहरादून के लोक भवन में उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। शपथ लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए बिसेन ने राज्य की सेवा करने का मौका देने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने उत्तराखंड को 'देवभूमि' और 'वीर भूमि' दोनों बताया। उन्होंने कहा,
इस देवभूमि की सेवा करने का मौका देने के लिए मैं देश के शीर्ष नेतृत्व का दिल से आभार जताता हूं। उत्तराखंड सिर्फ एक राज्य नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था और संस्कृति का केंद्र है। यह पवित्र चार धामों की धरती है और आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे कई दिव्य और पवित्र स्थलों का घर है। यह जगह अपने खास पर्यटन स्थलों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। देवभूमि होने के साथ-साथ यह एक वीर भूमि भी है, जहां लगभग हर परिवार से कम से कम एक सदस्य देश की रक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है।
राज्य के लोगों के योगदान की तारीफ करते हुए बिसेन ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में यहां की महिलाएं, युवा और किसान बहुत अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा,
इस राज्य की महिलाएं बहुत सशक्त और प्रेरणादायक हैं। वहीं यहां के युवा, किसान और पूरा समाज बेहद मेहनती और मजबूत है। यही वजह है कि उत्तराखंड आज विकास के अलग-अलग पैमानों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्यपाल के तौर पर अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए बिसेन ने कहा कि उनका फोकस संवैधानिक मूल्यों पर रहेगा। वह विकास और जन कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा,
राज्यपाल के रूप में मेरा मुख्य लक्ष्य संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना और इस पद की गरिमा का सम्मान करना है। इसके अलावा, राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और जन कल्याण के कामों में तेजी लाना है। इस देवभूमि के लिए शांति, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करना ही हमारा आखिरी लक्ष्य है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए हैं। इनमें ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड, सुधा यादव को कर्नाटक, ब्रज मोहन राम को ओडिशा और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के बालाघाट से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। वह मध्य प्रदेश सरकार में विधायक और कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं, जहां उन्होंने स्कूली शिक्षा, वन, परिवहन और खनन जैसे विभाग संभाले हैं। इसके अलावा, वह मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
ये नियुक्तियां छह राज्यों में हुए बड़े फेरबदल का हिस्सा हैं। इसमें सिक्किम और केरल के राज्यपालों को क्रमशः केरल और तमिलनाडु भेज दिया गया है। नई नियुक्तियां उस दिन से लागू होंगी, जिस दिन से ये सभी अपने-अपने कार्यालय का कार्यभार संभालेंगे।
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