
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून आईएसबीटी और उससे जुड़े मॉल परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आईएसबीटी के रेनोवेशन, संचालन, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में रखे गए प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद संबंधित कामों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। इसके अलावा मॉल परिसर में हार्टिकल्चर और इंजीनियरिंग से जुड़े काम भी प्राथमिकता के आधार पर कराने पर सहमति बनी। बैठक में एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
आईएसबीटी परिसर में मौजूद दुकानों, कार्यालयों, रेस्टोरेंट और कियोस्क के किराये का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। लंबे समय से अटके अनुबंधों के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी अब आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। अधिग्रहण के बाद से यह प्रक्रिया लंबित थी। पुराने कियोस्क की जगह नए कियोस्क तैयार किए जा रहे हैं और इनका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में पुराने लाइसेंसधारियों को नए कियोस्क में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
बैठक में यह भी तय हुआ कि अगर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता है तो नई किराया दरों के आधार पर पुराने लाइसेंसधारियों को अस्थायी तौर पर नए कियोस्क में जगह दी जा सकती है। नए अनुबंधों में नियम और शर्तें पहले की तुलना में ज्यादा स्पष्ट और सख्त रखी जाएंगी। खास तौर पर कियोस्क किसी दूसरे व्यक्ति को किराये पर देने या वहां चल रहे कारोबार की प्रकृति बदलने जैसी स्थिति को रोकने के प्रावधान किए जाएंगे।
आईएसबीटी के भूतल का बेहतर इस्तेमाल करने की योजना भी तैयार की गई है। इसके तहत यूटीसी ऑफिस, यूनियन ऑफिस और हिमाचल रेस्ट रूम को प्रथम तल पर स्थानांतरित किया जाएगा। इन कार्यालयों के ऊपर शिफ्ट होने के बाद भूतल पर खाली होने वाली जगह का इस्तेमाल यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए किया जाएगा। यानी जिस जगह का उपयोग अभी कार्यालयों के लिए हो रहा है, उसे यात्री सुविधाओं के लिहाज से विकसित किया जाएगा।
प्रशासनिक कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण इसे सामने स्थित रेस्टोरेंट नंबर-2 में शिफ्ट करने का फैसला भी लिया गया है। मौजूदा प्रशासनिक कार्यालय की जगह को बाद में सर्वर रूम और रिकॉर्ड रूम के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना है।
आईएसबीटी परिसर के शौचालयों का उच्च गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप पुनर्निर्माण कराया जाएगा। ए-ब्लॉक के शौचालय का काम फिलहाल अंतिम चरण में है। शौचालयों में तोड़फोड़, चोरी और गलत इस्तेमाल की घटनाओं को रोकने के लिए न्यूनतम उपयोग शुल्क तय करने पर भी सहमति बनी है।
इसके साथ ही आईएसबीटी के प्लेटफार्म का खराब और पुराना फर्श चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। काम के दौरान जरूरत पड़ने पर कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाली कराया जा सकता है। निर्माण कार्य के दौरान अगर कोई प्रतिष्ठान बंद रहता है तो उस अवधि के किराये को नियमों के मुताबिक समायोजित करने या किराये में निर्धारित कटौती करने पर भी सहमति बनी है।
आईएसबीटी आने वाले यात्रियों के लिए ऑनलाइन कैब की सुविधा को भी व्यवस्थित किया जाएगा। परिसर में Ola-Uber समेत दूसरी ऑनलाइन कैब सेवाओं के लिए अलग बूथ विकसित करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए यात्रियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त स्थान चुना जाएगा। बूथ बनने के बाद कैब बुक करने वाले यात्रियों को अपना वाहन खोजने में परेशानी कम होगी। इस व्यवस्था से आईएसबीटी परिसर में बेवजह की भीड़ और जाम को नियंत्रित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। संबंधित अधिकारियों को इसके लिए जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आईएसबीटी परिसर में शराब पीने, जुआ खेलने और चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाएगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस चौकी से भी नियमित सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा लंबे समय से खराब या पुरानी हो चुकी स्ट्रीट लाइट, लाइट पोल और पावर केबल को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। एसटीपी को लगातार बिजली उपलब्ध कराने के लिए डीजी रूम से एसटीपी तक करीब 415 मीटर 35 एमएम² x 3.5 कोर आर्मर्ड एल्यूमिनियम एलटी पावर केबल और 400 मीटर 75 एमएम एचडीपीई पाइप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
आईएसबीटी में चल रहे रेनोवेशन और पुनरुद्धार कार्य के दौरान निकलने वाले लोहे, टिनशेड और दूसरी निष्प्रयोज्य सामग्री को भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। परिसर में इन सामग्रियों को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इससे यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसे में निर्माण सामग्री और कबाड़ को धीरे-धीरे हटाकर रास्तों को साफ रखने पर जोर दिया जाएगा, ताकि रेनोवेशन के साथ यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य बनी रहे।
बैठक के दूसरे चरण में मॉल परिसर के हार्टिकल्चर और इंजीनियरिंग से जुड़े कामों की समीक्षा की गई। मॉल परिसर के बाहर एनएचएआई कार्यालय हटने और नाले का निर्माण पूरा होने के बाद खाली हुई जमीन पर तारबाड़ और सौंदर्यीकरण कराने का निर्णय लिया गया है। इससे अनधिकृत कब्जे, बेतरतीब पार्किंग और गंदगी की समस्या को रोकने में मदद मिलेगी।
मॉल की तकनीकी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। इसमें चिलर सिस्टम को दुरुस्त करने का फैसला हुआ है। चिलर सिस्टम में लगे कंडेनसर और इवापोरेटर मोटर पैनल की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा जो मोटर अभी इस्तेमाल में नहीं हैं, उनके स्टार्टर पैनल में जरूरी सामग्री लगाने और रिपेयरिंग का काम भी कराया जाएगा।
मॉल परिसर में लगे आठ ड्रिंकिंग वाटर पैनलों की स्थिति सुधारने पर भी बैठक में सहमति बनी। जो पैनल खराब हैं, उन्हें बदला जाएगा। संबंधित मोटरों की ओवरहॉलिंग भी कराई जाएगी। पंप रूम में जमीन से पानी आने और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए डी-वाटरिंग पंप लगाया जाएगा। इसके साथ जरूरी मरम्मत कार्य भी किए जाएंगे।
मॉल में मौजूद 11 केवी वैक्यूम सर्किट ब्रेकर रूम और रिंग मेन यूनिट रूम में पानी भरने की समस्या को भी गंभीरता से लिया गया है। तकनीशियनों की सुरक्षा को देखते हुए इन विद्युत कक्षों में जलभराव रोकने के लिए जरूरी तकनीकी और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आईएसबीटी और मॉल परिसर प्राधिकरण की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। इन जगहों पर यात्रियों, आम लोगों और कारोबारियों को बेहतर सुविधाएं देना और पूरी व्यवस्था को आधुनिक बनाना एमडीडीए की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई है और अब स्वीकृत कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। आईएसबीटी में रेनोवेशन, शौचालय, प्लेटफार्म, प्रकाश, सुरक्षा और बिजली से जुड़े कामों में तेजी लाई जाएगी। दुकानों, कियोस्क और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के किराये और अनुबंधों को भी नियमों के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा। वहीं मॉल परिसर की तकनीकी समस्याओं को दूर करने के साथ उसके सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बैठक में आईएसबीटी और मॉल परिसर से जुड़े सभी चिन्हित कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर सहमति बनी है। आईएसबीटी में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ शौचालय, प्लेटफार्म, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के अलावा Ola-Uber बूथ, कियोस्क और कार्यालयों की व्यवस्था भी व्यवस्थित की जाएगी। मॉल परिसर में चिलर सिस्टम, पंप रूम, ड्रिंकिंग वाटर पैनल और बिजली से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्यों की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने और उन्हें तय समयसीमा में जमीन पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं।
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