
उत्तराखंड के शहरी विकास निदेशालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने स्वच्छता कर्मियों के साथ महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करके की। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के योगदान को याद किया।
शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों और आदर्शों को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत उत्तराखंड में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण और लीगेसी वेस्ट के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहरी विकास निदेशालय ने राज्य में बचे हुए लीगेसी कचरे का 31 मार्च 2027 तक 100 प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने का लक्ष्य तय किया है।
निदेशक विनोद गोस्वामी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अंत्योदय की भावना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तय लक्ष्यों को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सीधे आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। इसलिए योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्षेत्र में उत्तराखंड द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान अपर निदेशक प्रवीण कुमार, निदेशक के सहायक राजीव पाण्डे और जगबीर सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों के साथ महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का भी गायन किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। साथ ही स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई गई।
कार्यक्रम में अपर निदेशक प्रवीण कुमार, संयुक्त निदेशक अवधेश कुमार, वरिष्ठ वित्त अधिकारी प्रवीन कोर, रवि पाण्डे, सहायक निदेशक विनोद कुमार, शान्ति प्रसाद जोशी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कालिका प्रसाद भट्ट समेत विभिन्न योजनाओं के विशेषज्ञ, निदेशालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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