
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, ऊर्जा और कर्मचारी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने की व्यवस्था, सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए अलग सेल बनाने और 1320 मेगावाट बिजली खरीद समझौते जैसे बड़े निर्णय शामिल हैं।
इसके अलावा शहीद सैनिकों की स्मृति में उनके पैतृक गांवों में मूर्तियां लगाने, उत्तराखंड सहकारिता नीति 2026 लागू करने, मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन बनाने और शहरी क्षेत्रों में आधुनिक GIS सर्वेक्षण की व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर किए गए।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 की तर्ज पर उत्तराखंड सहकारिता नीति 2026 लागू करने का फैसला किया है। नई नीति में सात रणनीतिक मिशन शामिल किए जाएंगे। इसका उद्देश्य राज्य में सहकारिता क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
उपनल कर्मचारियों के लिए कैबिनेट का फैसला सबसे अहम माना जा रहा है। सरकार ने उन्हें तीन चरणों में ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का लाभ देने को मंजूरी दी है। पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले से तैनात कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच तैनात कार्मिक आएंगे। यह चरण 9 नवंबर 2026 से लागू होगा।
तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 के बीच तैनात कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। यह चरण 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा। इस फैसले में सेवा के दौरान दिए जाने वाले कृत्रिम ब्रेक की शर्त भी खत्म कर दी गई है। यदि किसी कर्मचारी के लिए स्वीकृत पद उपलब्ध नहीं है तो अधिसंख्य यानी सुपरन्यूमेरेरी पद सृजित किए जा सकेंगे।
राज्य सरकार ने सेवामुक्त अग्निवीरों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ने के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ बनाने का फैसला किया है। इसके लिए छह नए संविदा पद स्वीकृत किए गए हैं। इस सेल में एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद होगा। इसका काम सेवामुक्त अग्निवीरों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना और उन्हें राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाना होगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी UPCL को अडानी पावर लिमिटेड के साथ 1320 मेगावाट बेस-लोड बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर की मंजूरी दी गई है। समझौते के तहत बिजली की दर 5.746 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है और इसकी अवधि 25 साल होगी। इसमें 1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता वाली कोयला आधारित बिजली की खरीद और पावर सप्लाई एग्रीमेंट शामिल है। सरकार का कहना है कि इस समझौते से राज्य की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट ने प्रदेश के शहीद सैनिकों के सम्मान में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब शहीद सैनिकों की स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के लिए उनके पैतृक गांवों में उनकी मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। यह फैसला शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान से जुड़ा अहम कदम माना जा रहा है।
राज्य में CNG और हाइब्रिड वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ सरकार ने इनके लिए ग्रीन सेस में दी जा रही छूट समाप्त करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट ने इन वाहनों को चरणबद्ध तरीके से टैक्स के दायरे में लाने की मंजूरी दी है। सरकार ने इसके पीछे वाहनों की बढ़ती संख्या और राजस्व पर पड़ने वाले प्रभाव को प्रमुख कारण बताया है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी है। DILRMP के ‘नक्शा’ कार्यक्रम के तहत शहरी आबादी वाले क्षेत्रों में आधुनिक GIS और भू-स्थानिक तकनीक से सर्वेक्षण किया जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों में भूमि और आबादी से संबंधित रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी।
रिस्पना नदी किनारे अवैध रूप से बसी मलिन बस्ती से विस्थापित किए गए चयनित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी कैबिनेट ने फैसला लिया है। काठबंगला में तैयार किए गए 116 नवनिर्मित आवास इन चयनित विस्थापित परिवारों को आवंटित किए जाएंगे।
हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र यानी NCDC की स्थापना के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज की एक एकड़ जमीन 99 साल की लीज पर देने को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत NCDC को निर्धारित भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी संस्थागत सुविधाओं को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
राज्य में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन को मंजूरी मिली है। नए कॉर्पोरेशन का उद्देश्य मेडिकल सामग्री की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन मैट्रिक्स में भी बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार के अनुरूप वेतन लेवल-15 और लेवल-16 को संशोधित करते हुए इन्हें क्रमशः लेवल-14 और लेवल-15 पढ़े जाने का फैसला लिया गया है।
कारागार विभाग से जुड़े नियमों में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है। उप कारापाल के पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत पुरुष बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक का कोटा निर्धारित किया गया है।
लोकायुक्त अध्यक्ष और सदस्यों के चयन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए ‘Search Committee कार्यकलाप निर्धारण नियमावली 2026’ को मंजूरी दी गई है। इस नियमावली के जरिए लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए गठित खोजबीन समिति के कामकाज से जुड़े प्रावधान तय किए जाएंगे।
सीड्स कॉर्पोरेशन के 85 कर्मचारियों को 10 साल की अवधि के लिए दूसरे विभागों में सेवा स्थानांतरण पर भेजने का फैसला हुआ है। इनमें 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं।
उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी यानी UUSDA के पुनर्गठन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। ऋषिकेश, कोटद्वार और रुद्रपुर समेत अन्य शहरों में ADB और KFW से वित्त पोषित परियोजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 94 नए पद बनाए जाएंगे।
कैबिनेट ने ‘उत्तराखंड स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग सेवा नियमावली 2026’ को प्रख्यापित करने की मंजूरी दे दी है। इससे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग से संबंधित सेवा नियमों को व्यवस्थित आधार मिलेगा।
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2023 के तहत ‘उत्तरांचल यूनिवर्सिटी परिनियम 2026’ को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
ऋषिकेश में कैंसर मरीजों के लिए Hospice Care Center स्थापित करने के लिए अंत्योदय फाउंडेशन को मिली संपत्ति पर 8.87 लाख रुपये के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का फैसला किया गया है।
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