
देहरादून। बीजेपी ने 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है। शुक्रवार को पार्टी की एक अहम परिचयात्मक बैठक हुई। इसकी जानकारी बीजेपी सांसद और राज्य की सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज ने दी।
इस बैठक में उत्तराखंड बीजेपी के प्रभारी राम माधव और सह-प्रभारी अरविंद मेनन भी शामिल हुए। इनके अलावा राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारी और कई अभियानों से जुड़े मंत्री भी मौजूद रहे। बांसुरी स्वराज ने इसे एक संगठनात्मक बैठक बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी लीडरशिप ने प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, जिला महामंत्रियों और अलग-अलग अभियानों के संयोजक बने मंत्रियों के साथ बातचीत की।
पत्रकारों से बात करते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा,
आज हमारी एक परिचयात्मक और संगठनात्मक बैठक थी। जैसा कि आप जानते हैं, राम माधव जी प्रभारी बनकर आए हैं। वहीं, अरविंद मेनन जी और मुझे सह-प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। हमने उत्तराखंड बीजेपी के सभी प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और डबल इंजन सरकार के उन मंत्रियों के साथ बैठक की, जो विभिन्न अभियानों के संयोजक या सह-संयोजक हैं।
सीटों की संख्या में होने वाले बदलाव पर बात करते हुए उन्होंने इसका श्रेय नेताओं के बजाय वोटर्स को दिया। उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और धार्मिक महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि जनता बीजेपी, पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी के विकास एजेंडे का समर्थन करती रहेगी। उन्होंने कहा,
सीटों की संख्या कम या ज्यादा होना किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं करता। यह पूरी तरह से हमारे देवतुल्य मतदाताओं के हाथ में है। लेकिन जहां तक उत्तराखंड की बात है, यह वीरों और देवताओं की भूमि है। यहां हर घर में एक सैनिक है। यह वो धरती है जो 'वंदे मातरम' को जीवंत करती है। इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड के वोटर राष्ट्रवादी पार्टी बीजेपी पर अपना भरोसा जताएंगे। वे तीसरी बार भी पीएम मोदी और सीएम धामी की विकास नीतियों को ही चुनेंगे।
देश के युवाओं पर बात करते हुए स्वराज ने सोशल मीडिया एल्गोरिदम के जरिए पीढ़ियों को बांटने की कोशिशों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि युवाओं को जेन जेड (Gen Z), मिलेनियल्स और जेन एक्स (Gen X) जैसे लेबल्स में बांटने के बजाय एक साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा,
यह एक विदेशी साजिश है, जो सोशल मीडिया एल्गोरिदम के जरिए मेरे देश के युवाओं को बांटने की कोशिश कर रही है। इसलिए मैं कहना चाहती हूं कि हमारे युवाओं को जेन जेड, जेनियल, मिलेनियल या जेन एक्स में मत बांटिए। मेरे देश का युवा सिर्फ युवा है, और वह विकसित भारत के सपने को सच करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बुनियादी ढांचे के विकास का उदाहरण देते हुए स्वराज ने दिल्ली-देहरादून हाईवे का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आज सुबह ही उन्होंने इसी रास्ते से सफर किया है। उन्होंने कहा,
आज सुबह ही मैं 6-लेन एक्सप्रेसवे से दिल्ली से देवभूमि आई हूं। मैंने 12,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होते भारत को देखा है। यह नए भारत की तस्वीर है। इस हाईवे प्रोजेक्ट ने दिल्ली से देवभूमि की 235 किलोमीटर की दूरी को घटाकर 213 किलोमीटर कर दिया है। जिस सफर में पहले 6 घंटे लगते थे, अब वह सिर्फ ढाई घंटे में पूरा होता है। इतना ही नहीं, इसके साथ 12 किलोमीटर का वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी बनाया गया है। बीजेपी सरकार यह सुनिश्चित करती है कि विकास के साथ-साथ रफ्तार भी मिले और प्रकृति को भी फायदा हो।
आपको बता दें कि बीजेपी 2027 के चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी ने 70 में से 47 सीटें जीती थीं, हालांकि तब उनकी 10 सीटें कम हो गई थीं।
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