Uttarakhand Film Tourism: उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की एंट्री, रोजगार और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

Published : Oct 17, 2026, 05:28 PM IST
Uttarakhand Film Tourism

सार

उत्तराखण्ड में अक्षय कुमार और जाह्नवी कपूर की शूटिंग से फिल्म पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जानें फिल्म नीति 2024, रोजगार और स्थानीय कारोबार से जुड़ी अहम बातें।

उत्तराखण्ड अब सिर्फ पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं के लिए भी पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती, पहाड़ों के मनोरम नजारे, ऐतिहासिक स्थल और शूटिंग के अनुकूल माहौल बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स को यहां खींच रहे हैं। इन दिनों अभिनेता अक्षय कुमार मसूरी और लैंढौर क्षेत्र में शूटिंग कर रहे हैं, जबकि जाह्नवी कपूर नैनीताल में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। बड़े फिल्मी सितारों और प्रोजेक्ट्स की मौजूदगी से राज्य में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग का बढ़ता क्रेज, अक्षय कुमार और जाह्नवी कपूर पहुंचे

उत्तराखण्ड की वादियां एक बार फिर फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रही हैं। राज्य में इन दिनों बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग चल रही है। अक्षय कुमार मसूरी और लैंढौर में शूटिंग कर रहे हैं, वहीं जाह्नवी कपूर नैनीताल में फिल्म की शूटिंग में जुटी हैं। इन प्रोजेक्ट्स से उत्तराखण्ड की पहचान एक फिल्म-अनुकूल राज्य के रूप में और मजबूत होने की संभावना है। मसूरी, लैंढौर और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता फिल्मों के लिए खास आकर्षण रखती है। फिल्मों के जरिए इन जगहों को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिलता है। इससे आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

CM पुष्कर सिंह धामी का लक्ष्य, उत्तराखण्ड बने प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। राज्य का प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अलग-अलग तरह की भौगोलिक परिस्थितियां इसे शूटिंग के लिए खास बनाती हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए फिल्म निर्माताओं को जरूरी सुविधाएं देने, शूटिंग की अनुमति लेने की प्रक्रिया आसान बनाने और स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म जगत में अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि फिल्म निर्माता उत्तराखण्ड में शूटिंग के लिए आएं और उन्हें यहां काम करने के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

फिल्मों की शूटिंग का फायदा सिर्फ पर्यटन स्थलों की पहचान बढ़ने तक सीमित नहीं है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि फिल्म निर्माण से स्थानीय युवाओं, कलाकारों, तकनीशियनों, होटल कारोबारियों, परिवहन संचालकों और दूसरे सेवा प्रदाताओं को अवसर मिलते हैं।

जब किसी फिल्म की यूनिट किसी क्षेत्र में पहुंचती है, तो वहां ठहरने, खाने-पीने, आने-जाने और दूसरी व्यवस्थाओं की जरूरत पड़ती है। इससे होटल, परिवहन, खान-पान और स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबार को लाभ मिलने की संभावना रहती है।

राज्य सरकार फिल्म पर्यटन को अर्थव्यवस्था से जोड़कर स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना चाहती है। इसका मकसद यह है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का फायदा स्थानीय स्तर तक पहुंचे।

Uttarakhand Film Policy 2024: सात दिन में शूटिंग की अनुमति देने की व्यवस्था

उत्तराखण्ड सरकार राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड फिल्म नीति 2024 के तहत अनुकूल माहौल तैयार कर रही है। फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए जरूरी अनुमतियां लेने में सुविधा मिले, इसके लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम पर जोर दिया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सात दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे फिल्म निर्माताओं को अलग-अलग विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने में आसानी होती है और अनुमति प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जा सकता है।

फिल्म नीति के तहत राज्य में फिल्म निर्माण की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को काम के अवसर देने और पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का जोर इस बात पर भी है कि उत्तराखण्ड में शूटिंग करना फिल्म निर्माताओं के लिए सुविधाजनक और व्यावहारिक विकल्प बने।

Film Tourism से मसूरी, लैंढौर और नैनीताल को मिलेगा फायदा

उत्तराखण्ड में एक साथ कई बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर है। फिल्मों के जरिए मसूरी, लैंढौर और नैनीताल जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की खूबसूरती देशभर के दर्शकों तक पहुंच सकती है। फिल्मों में किसी जगह को देखने के बाद दर्शकों के बीच वहां घूमने की दिलचस्पी बढ़ सकती है। ऐसे में आने वाले समय में इन पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने और स्थानीय व्यवसायों को फायदा मिलने की संभावनाएं भी बनती हैं। फिल्म यूनिटों की आवाजाही से होटल, परिवहन, खान-पान और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। इस तरह फिल्म शूटिंग मनोरंजन जगत तक सीमित न रहकर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद भी कर रही सहयोग, फिल्म निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है। परिषद की ओर से फिल्म निर्माताओं को जरूरी सहयोग और शूटिंग के लिए सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से इन प्रयासों को नई गति मिल रही है। सरकार की फिल्म नीति, अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाने की पहल और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने पर जोर के बीच उत्तराखण्ड फिल्म निर्माण के साथ-साथ फिल्म पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

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