
उत्तराखंड में शहरी सुविधाओं और जल-निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और जीआईएस आधारित जल-निकासी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कुल करीब ₹1967 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जीआईएस आधारित जल-निकासी योजना के तहत शामिल 15 परियोजनाओं के लिए ₹1960 करोड़ की धनराशि मंजूर करने को अनुमोदन दिया है। इन योजनाओं का मकसद शहरी क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी को ज्यादा व्यवस्थित करना और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटना है।
उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में जीआईएस आधारित जल-निकासी व्यवस्था विकसित करने के लिए 15 योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के लिए कुल ₹1960 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन मुख्यमंत्री ने किया है। जीआईएस आधारित योजना के जरिए जल-निकासी व्यवस्था को ज्यादा वैज्ञानिक और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में बढ़ते निर्माण और बारिश के दौरान जलभराव की चुनौती को देखते हुए इस तरह की योजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का फोकस ऐसी आधारभूत सुविधाएं तैयार करने पर है, जो मौजूदा जरूरतों के साथ भविष्य में बढ़ने वाले शहरी दबाव को भी संभाल सकें।
मुख्यमंत्री ने चम्पावत जिले के टनकपुर में खेतखेड़ा गांव की सुरक्षा के लिए भी बाढ़ सुरक्षा योजना को मंजूरी दी है। यह गांव शारदा नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है। बाढ़ से गांव और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए इस योजना के तहत ₹6.82 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। बरसात और नदी के बढ़ते जलस्तर के दौरान तटीय इलाकों में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में इस परियोजना से खेतखेड़ा गांव की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उधमसिंहनगर जिले में भी आधारभूत सुविधा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण काम मंजूर किया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में स्थित चकबंदी कार्यालय के सामने इंटरलॉकिंग टाइल्स के जरिए स्टाफ कार पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत ₹70.21 लाख निर्धारित की गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने पहली किस्त के रूप में ₹42.12 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन दिया है। पार्किंग बनने के बाद कार्यालय परिसर में वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। इससे परिसर में जगह के बेहतर इस्तेमाल के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, उनका काम निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचना चाहिए।
सरकार का जोर सिर्फ परियोजनाओं को मंजूरी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके समय पर धरातल पर उतरने पर भी है। जल-निकासी, बाढ़ सुरक्षा और शहरी सुविधाओं से जुड़ी इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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