
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सरकारी भर्तियों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के जरिए पिछले साढ़े चार वर्षों में 35 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों के पीछे युवाओं की मेहनत, लगन और प्रतिभा प्रमुख आधार रही है। मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए भर्ती प्रक्रिया से जुड़े युवाओं के अनुभव भी साझा किए। उनके मुताबिक, चयनित अभ्यर्थी बता रहे हैं कि पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने का अवसर दिया।
सीएम धामी ने कहा कि सरकारी नौकरियों के लिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर सरकार का विशेष जोर रहा है। उनका कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने मेहनत और प्रतिभा के दम पर परीक्षाएं पास कीं, उन्हें सरकारी सेवा में आगे बढ़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री की ओर से साझा किए गए अनुभवों में चयनित अभ्यर्थी अपनी तैयारी और चयन की प्रक्रिया के बारे में बात कर रहे हैं। सरकार की ओर से इसे युवाओं के लिए भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए ‘उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण अधिनियम-2023’ लागू किया है। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और दूसरे अनुचित तरीकों की संभावना को रोकना तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस कानून के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
प्रदेश सरकार की पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले 4.5 वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।
मेहनत, लगन और प्रतिभा के आधार पर चयनित अभ्यर्थी आज अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और बता रहे हैं कि किस तरह एक पारदर्शी एवं निष्पक्ष… pic.twitter.com/Vj91twVpcX— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 21, 2026
उत्तराखंड में सरकारी पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग विभागों और चयन संस्थाओं के माध्यम से प्रक्रिया चलती है। मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) को प्रमुख संस्थाओं के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। UKSSSC की 2026 की भर्ती सूचनाओं में सहायक कृषि अधिकारी, सहायक कृषि वर्ग-3, चारा सहायक ग्रुप-3 और अन्य पदों के लिए चयन संबंधी विज्ञापन भी जारी किए गए हैं।
इसके अलावा राज्य के रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशालय की ओर से रोजगार प्रयाग पोर्टल भी संचालित किया जा रहा है। सरकारी जानकारी के अनुसार यह पोर्टल सरकारी विभागों और उनके अधीन संस्थानों में मानव संसाधन की आउटसोर्सिंग से जुड़ी प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सीएम धामी का 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिलने का दावा ऐसे समय में आया है, जब उत्तराखंड में सरकारी नौकरियां युवाओं के लिए लगातार एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में चयनित अभ्यर्थियों की सफलता को उनकी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा से जोड़ते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर दिया।
सरकार की ओर से भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक और चयन प्रक्रिया को नियमों के मुताबिक संचालित करने को लेकर कई कदमों का उल्लेख किया गया है। अब मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए चयनित युवाओं के अनुभव इसी पूरी प्रक्रिया के परिणाम के तौर पर प्रस्तुत किए गए हैं।
हालांकि, 35 हजार से अधिक नियुक्तियों का आंकड़ा मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित है। अलग-अलग विभागों, भर्ती संस्थाओं और नियुक्तियों के विस्तृत आंकड़ों को एक साथ देखकर ही इस संख्या का विभागवार विवरण सामने आएगा।
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