
खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा में खटीमा-सितारगंज सड़क के चौड़ीकरण के लिए भूमि पूजन किया। इस सड़क विस्तार प्रोजेक्ट पर करीब 13.5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए सीएम धामी ने कहा कि खटीमा में अलग-अलग समुदाय के लोग रहते हैं। ग्रामीण और आसपास के इलाकों से लोगों की आवाजाही के चलते लंबे समय से इस सड़क को चौड़ा करने की मांग उठ रही थी। उन्होंने कहा,
खटीमा एक 'मिनी-इंडिया' की तरह है, जहां हर जाति और वर्ग के लोग रहते हैं। इसी वजह से यहां की सड़कों का चौड़ा होना बहुत जरूरी है। खटीमा से ग्रामीण और आसपास के इलाकों की एक बड़ी आबादी जुड़ी है और यहां से एक नेशनल हाईवे भी गुजरता है। जो लोग तारागढ़ की तरफ जाते हैं, वे भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इस रूट के चौड़ीकरण का लंबे समय से इंतजार था। आज इसका भूमि पूजन हो गया है और जल्द ही सड़क बनकर तैयार हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से ट्रैफिक जाम की समस्या दूर होगी और राहगीरों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने इलाके में पब्लिक टॉयलेट की कमी को दूर करने की योजना पर भी बात की। सीएम ने कहा,
इसके पूरा होने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या सुलझ जाएगी। सफर करने वालों को कोई परेशानी नहीं होगी और पैदल चलने वालों को भी दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी। इसके अलावा, हम यह भी तय करेंगे कि काम करने वाली एजेंसी इलाके में पब्लिक टॉयलेट की कमी को दूर करे। इसके लिए नए टॉयलेट बनाए जाएंगे, जिनमें महिलाओं के लिए खास 'पिंक टॉयलेट' भी शामिल होंगे।
धामी ने आगे कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे उत्तराखंड में एक समान विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा,
पीएम मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि पूरे राज्य का समग्र और एकीकृत विकास हो। नीति से लेकर माडा, मलारी से लेकर गुंजी तक, त्यूणी के सबसे दूर के बॉर्डर तक, और हरिद्वार के गंगासपुर से लेकर चकरपुर और कनकपुर तक—इन सभी क्षेत्रों में विकास एक समान होना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि हर जगह विकास तेजी से हो।
मुख्यमंत्री ने लगातार विकास कार्यों के जरिए खटीमा को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने के अपनी सरकार के संकल्प को भी दोहराया।
उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।