Uttarakhand News: CM धामी ने सुनी SC-ST समाज की दिक्कतें, अफसरों को दिए तुरंत समाधान के निर्देश

Published : Oct 07, 2026, 10:18 AM IST
Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami at informal interaction with members of the Scheduled Caste and Scheduled Tribes (Photo/ ANI)

सार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में एससी-एसटी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि सरकार का फोकस हर तबके के विकास पर है।

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के लोगों से खास मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों की परेशानियां सुनीं और अफसरों को इन्हें जल्द से जल्द सुलझाने के निर्देश दिए। मंगलवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लोग सीएम से मिलने पहुंचे थे। इनमें खासकर टिहरी, देहरादून, उत्तरकाशी, चकराता और कालसी जैसे दूरदराज और पहाड़ी इलाकों के लोग शामिल थे। इन लोगों ने मुख्यमंत्री को सड़क, शिक्षा, रोजगार, पीने के पानी, आजीविका और बुनियादी ढांचे से जुड़े अपने स्थानीय मुद्दों के बारे में बताया।

सीएम धामी ने सबकी बातें ध्यान से सुनीं। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड के हर वर्ग, हर क्षेत्र और हर व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। CM धामी ने कहा,

हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मिशन पर काम कर रही है। हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही है कि कल्याणकारी योजनाओं का फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वो चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और राज्य के अन्य हिस्सों के एससी-एसटी समुदाय के लोगों से मिल चुके हैं। सीएम के मुताबिक, ऐसी मुलाकातों से लोगों को अपनी स्थानीय जरूरतें और समस्याएं सीधे सरकार के सामने रखने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा,

लोकतंत्र की असली कामयाबी इसी में है कि सरकार और जनता के बीच सीधा और लगातार संवाद बना रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनप्रतिनिधियों, अफसरों और आम जनता के बीच तालमेल मजबूत कर रही है, ताकि स्थानीय मुद्दों को समय पर समझा और सुलझाया जा सके। इस मौके पर डॉ. बीआर अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए सीएम ने कहा कि बाबासाहेब ने संविधान के जरिए समानता, सामाजिक न्याय और समान अवसरों का जो रास्ता दिखाया था, वह आज भी देश को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें इसी विजन को आगे बढ़ा रही हैं और समाज के हर वर्ग को सशक्त बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकास किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सबको आगे बढ़ने के बराबर मौके मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी समेत सभी वंचित वर्गों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर कई योजनाएं चल रही हैं।

CM धामी ने कहा कि राज्य के बजट में भी दूरदराज के इलाकों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए खास प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने अफसरों को सख्त हिदायत दी कि सरकारी योजनाओं का फायदा सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि हर सही लाभार्थी तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले करीब पांच सालों में उन्होंने चकराता, कालसी, जौनसार-बावर क्षेत्र, उत्तरकाशी और अन्य पहाड़ी व सीमांत जिलों के सैकड़ों दौरे किए हैं। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर उनका काम सिर्फ देहरादून तक सीमित नहीं है। उनका पूरा फोकस दूरदराज के गांवों, सीमांत इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचने पर रहा है, ताकि वह जमीनी हकीकत समझ सकें और स्थानीय लोगों से सीधे बात कर सकें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसे दौरों से सरकार की प्राथमिकताओं को जमीनी हकीकत से जोड़ने में मदद मिलती है और अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों के हिसाब से विकास कार्यों की प्लानिंग की जाती है। उत्तराखंड की आदिवासी संस्कृति और विरासत को सहेजने की पहलों का जिक्र करते हुए सीएम ने 'आदि गौरव महोत्सव' का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम आदिवासी समुदायों की परंपराओं, संस्कृति, लोक कला, लोकगीतों, हस्तशिल्प और जीवनशैली को एक बड़ा मंच देते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 'आदि गौरव महोत्सव' का दायरा अब देहरादून से बाहर निकालकर दूरदराज के आदिवासी इलाकों तक बढ़ाया गया है और हाल ही में इसे चंपावत में भी आयोजित किया गया था। CM धामी ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "आदिवासी संस्कृति सिर्फ आदिवासी समाज की पहचान नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा है।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इसे सहेजने, बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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