
खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्पर्स की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचाने में इनका बहुत बड़ा रोल है। जमीनी स्तर पर बच्चों और समाज की मदद करने में इनकी लगन और सेवा बहुत अहम है।
खटीमा के एक आंगनबाड़ी केंद्र में 'आंगन मिलन' कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान सीएम धामी ने कहा कि सरकार की योजनाओं और आम जनता के बीच आंगनबाड़ी वर्कर एक मजबूत कड़ी का काम करती हैं मुख्यमंत्री ने कहा,
हमारी आंगनबाड़ी बहनें और हेल्पर्स सरकारी योजनाओं को घर-घर तक ले जाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। आज के इस खास मौके पर, मैं आपकी मेहनत और सेवा भाव को सलाम करता हूं।
अपने दौरे पर सीएम धामी ने आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों के साथ काफी वक्त बिताया। उन्होंने अपने हाथों से बच्चों को पौष्टिक खाना भी परोसा। इसके अलावा, उन्होंने बच्चों का 'अन्नप्राशन' संस्कार भी किया और उनके स्वस्थ और सुनहरे भविष्य की कामना की। सीएम ने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जो आंगनबाड़ी केंद्रों को चलाने में लगातार मदद करते हैं। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे आगे आएं और बच्चों की भलाई के लिए अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा,
हम मदद के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। अगर हम सब थोड़ा सा भी सोचें कि किसी एक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए हम क्या कर सकते हैं, तो वहां पढ़ने और पोषण लेने आने वाले बच्चों की बड़ी मदद हो सकती है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर स्थानीय लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, तो सरकारी योजनाओं को और भी मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा,
सरकार के साथ-साथ आम नागरिक भी समाज की भावना को मजबूत करने में मदद करते हैं।
इसके बाद सीएम धामी देहरादून पहुंचे। वहां उन्होंने राज्य के आयुष और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIS) विभागों में चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र बांटे। उन्होंने कुल 332 युवाओं को जॉब लेटर सौंपे। इनमें आयुष विभाग के 271 कर्मचारी और ESIS के तहत 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "मुझे आज 332 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए बहुत खुशी हो रही है। इसमें आयुष विभाग के 271 और ESIS के 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारी शामिल हैं। मैं आप सभी को इस कामयाबी के लिए बधाई देता हूं।"
उन्होंने सभी उम्मीदवारों को बधाई दी और इस मुकाम तक पहुंचने में उनके माता-पिता और अभिभावकों के त्याग और सपोर्ट की भी सराहना की।
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