
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। योजना के तहत राज्य को स्वीकृत आवासों के मुकाबले सबसे अधिक आवासों का निर्माण शुरू कराने यानी उच्चतम ‘ग्राउंडिंग अनुपात’ हासिल करने के लिए “सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य” की श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
यह पुरस्कार 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने उत्तराखंड को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य सरकार की ओर से निदेशक/अपर सचिव, शहरी विकास विभाग, उत्तराखंड शासन श्री विनोद गोस्वामी और सहायक निदेशक, शहरी विकास निदेशालय श्री राजीव पांडे ने पुरस्कार ग्रहण किया।
श्री विनोद गोस्वामी के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, जिनके पास अपना आवास नहीं है। उत्तराखंड के लिए भारत सरकार की ओर से योजना के तहत कुल 3,979 आवासों को मंजूरी मिली है। इनमें से अब तक 1,867 आवासों की ग्राउंडिंग यानी निर्माण कार्य शुरू कराया जा चुका है। इसी उपलब्धि के आधार पर राज्य को देश के बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल किया गया है।
भारत सरकार ने अगस्त 2026 में उत्तराखंड के लिए 1,647 और आवासों को स्वीकृति दी थी। इन आवासों के लिए धनराशि सितंबर 2026 में राज्य सरकार को जारी की गई। राज्य सरकार से संबंधित निकायों को धनराशि मिलने के बाद बाकी स्वीकृत आवासों का निर्माण भी शुरू कराया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत फिलहाल भारत सरकार की ओर से 2,332 आवासों के निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। इसके सापेक्ष करीब 88 प्रतिशत आवासों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। राज्य सरकार का कहना है कि योजना को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए संबंधित नगर निकायों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। निर्माण की प्रगति की नियमित निगरानी भी की जा रही है, ताकि स्वीकृत आवासों का काम समय पर आगे बढ़ सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के पहले चरण में भी उत्तराखंड का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। PMAY-Urban 1.0 के तहत भारत सरकार ने राज्य में कुल 62,272 आवासों को मंजूरी दी थी। इनमें से 53,320 आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीयांश के रूप में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। वहीं, उत्तराखंड सरकार ने राज्यांश के तौर पर करीब 300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अलग-अलग घटकों के तहत भी उत्तराखंड में बड़ी संख्या में आवासों का निर्माण पूरा किया गया है। लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के तहत अब तक 19,380 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, भागीदारी में किफायती आवास (AHP) घटक के तहत करीब 15,960 आवासों में से 11,848 से अधिक आवास पूरे किए जा चुके हैं। बाकी आवासों का निर्माण अंतिम चरण में बताया गया है। इसी तरह ऋण आधारित ब्याज सब्सिडी (CLSS) घटक के तहत भारत सरकार ने 19,190 आवासों के लिए ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराई है।
शहरी विकास विभाग का फोकस अब योजना के लाभ को अंतिम पात्र परिवार तक पहुंचाने और निर्माणाधीन आवासों को जल्द पूरा कराने पर है। इसके लिए संबंधित नगर निकायों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। विभाग की ओर से निर्माण कार्यों की प्रगति की निगरानी भी की जा रही है, ताकि स्वीकृत आवासों का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा हो और अधिक से अधिक पात्र परिवारों को पक्के घर का लाभ मिल सके।
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