Uttarakhand News: दिल्ली से लौटते ही एक्शन CM धामी, ट्रेकर्स रेस्क्यू के बीच चारधाम यात्रा पर भी दिए सख्त निर्देश

Published : Sep 28, 2026, 07:28 PM IST
pushkar singh dhami review trackers rescue

सार

उत्तराखंड के हाई एल्टीट्यूड क्षेत्रों में 179 ट्रेकर्स फंसे हैं। CM धामी ने रेस्क्यू की समीक्षा कर 8 हेलीकॉप्टर और हेली एंबुलेंस तैनात रखने के निर्देश दिए।

दिल्ली प्रवास से लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स के लिए चलाए जा रहे राहत-बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की ताजा स्थिति जानी और साफ निर्देश दिए कि हर व्यक्ति की सुरक्षित वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

High Altitude Trekking Rescue: 179 ट्रेकर्स-माउंटेनियर्स फंसे

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मुख्यमंत्री धामी को बताया कि प्रदेश के अलग-अलग उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान कुल 179 ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी मिली है। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी और 43 लोग बागेश्वर के पिंडारी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

CM धामी ने बैठक में विभिन्न जिलों में फंसे लोगों की संख्या, उनकी मौजूदा लोकेशन, अब तक हुए रेस्क्यू और बाकी लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बचाव अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध सभी संसाधनों का पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल करने को कहा गया।

Uttarkashi Rescue Operation: 40 लोगों का रेस्क्यू

उत्तरकाशी में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष जानकारी ली। अधिकारियों के मुताबिक, यहां फंसे 136 लोगों में से 40 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं, 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार किया है। इन लोगों ने अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई है। बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।

सीएम धामी ने कहा कि अभियान के दौरान ट्रेकर्स, माउंटेनियर्स और पोर्टर्स की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने और सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

8 हेलीकॉप्टर तैनात, हेली एंबुलेंस भी रहेगी स्टैंडबाय

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए फिलहाल 8 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जरूरत सामने आते ही उपलब्ध हवाई संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने हेली एंबुलेंस को स्टैंडबाय मोड में रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि किसी ट्रेकर या अन्य व्यक्ति को रेस्क्यू के दौरान तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़े तो उसे बिना देरी के इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी से भी फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम और जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए शेष ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान फिर शुरू किया जाएगा। सीएम ने रेस्क्यू टीमों को हर जरूरी सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने के साथ ही पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

Uttarakhand Rescue: पर्यटकों और ट्रेकर्स की सुरक्षा पर फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले प्रदेशवासियों के साथ-साथ पर्यटकों, श्रद्धालुओं और ट्रेकर्स की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने को कहा। किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

Char Dham Yatra: यात्रा व्यवस्थाओं की भी CM धामी ने की समीक्षा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की मौजूदा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने चारधाम और यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी अधिकारियों से ली। सीएम ने कहा कि चारधाम यात्रा के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए व्यवस्थाओं को सिर्फ मौजूदा जरूरतों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी तैयारियां करनी होंगी।

Religious Tourism और Char Dham में Solid Waste Management पर जोर

मुख्यमंत्री ने चारधाम समेत उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत और स्थायी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ कचरा प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ती है। इसलिए केवल तत्काल जरूरत पूरी करने वाली व्यवस्था पर्याप्त नहीं होगी। इसके लिए दीर्घकालिक और स्थायी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।

संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से ऐसी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे धामों और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा तीनों पर एक साथ ध्यान दिया जा सके।

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